स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे राहुल गांधी: सोनिया गांधी-खड़गे भी नहीं आए नजर; बीजेपी बोली- यह शर्मनाक रवैया
Published:
4 min read

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी। (फोटो-PTI)
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। भारत सरकार के कार्यक्रम में दोनों नेताओं के शामिल न होने पर कई तरह के सियासी कयास लगाए जाने लगे हैं। कांग्रेस की ओर से दोनों नेताओं के शामिल न होने के पीछे कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर सिटिंग अरेंजमेंट के चलते नाराजगी की वजह से कांग्रेस के नेताओं ने इस साल कार्यक्रम में शामिल न होने का फैसला किया।
खड़गे ने कांग्रेस दफ्तर पहुंचकर तिरंगा फहराया, इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहे। इससे पहले दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। राहुल गांधी ने लिखा, सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिली यह आज़ादी, एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प है - जहां सत्य और समानता की नींव पर न्याय हो, और हर दिल में सम्मान और भाईचारा हो। इस अनमोल धरोहर के गौरव और सम्मान की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। जय हिंद, जय भारत!
कांग्रेस ने एक मजबूत भारत की नीव रखी- खड़गे
वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा- आप सभी को 79th Independence Day की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। कांग्रेस पार्टी के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि हम अपने नए स्थायी मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस मना रहे है। 15 अगस्त 1947 को जो स्वतंत्रता हमने हासिल की, उसमें हमारी पार्टी की भूमिका को सारा विश्व जानता है। स्वतंत्रता संग्राम की कहानी हमारी पार्टी की कहानी है। इस अवसर पर मैं स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान तथा बलिदान देनेवाले सभी महान हस्तियों को नमन करते हुए, उन्हें कोटि--कोटि श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
खड़गे ने लिखा- आजादी के बाद, हमने ढाई साल के अथक परिश्रम के बाद भारत को अपना संविधान दिया, जिसकी तुलना शायद विश्व के और किसी संवैधानिक दस्तावेज से नहीं की जा सकती। आजादी के बाद की 8 दशकों की लम्बी यात्रा में कांग्रेस पार्टी की सरकारों और हमारे दूरदर्शी नेताओं ने एक मजबूत भारत की नीव रखी। संविधान को सर्वोच्च रख कर, जनता को लोकतंत्र के निर्माण में बराबरी का स्थान दिया। खड़गे ने बिहार SIR और वोट चोरी को लेकर चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर निशाना साधा।
बीजेपी ने साधा कांग्रेस पर निशाना
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, टीवी डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि राहुल गांधी लाल किला पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। ये राष्ट्रीय आयोजन था, लेकिन दुख की बात ये है कि पाकिस्तान प्रेमी राहुल गांधी मोदी विरोध में देश और सेना का विरोध करते हैं। यह शर्मनाक रवैया है। क्या ये संविधान और सेना का सम्मान है?
पिछले साल सिटिंग अरेंजमेंट पर हुआ था विवाद
पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर राहुल गांधी 5वीं लाइन में बैठे नजर आए थे। इसके बाद विपक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था। राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, ऐसे में उनके पास कैबिनेट मंत्री का दर्जा है। विपक्ष ने इसे देश की जनता का अपमान बताया था। वहीं, कार्यक्रम को आयोजित करने वाले रक्षा मंत्रालय ने जवाब में कहा था- ओलंपियनों को बैठाने के लिए व्यवस्था में फेरबदल किया गया था।
प्रोटोकॉल के मुताबिक, विपक्ष के नेता को फ्रंट रो में जगह मिलती है। पिछले साल इस लाइन में तत्कालीन चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, शिवराज सिंह चौहान, अमित शाह और एस जयशंकर समेत अन्य बैठे नजर आए थे। जबकि राहुल गांधी 5वीं लाइन में थे। उनसे आगे ओलंपिक पदक विजेताओं को बैठाया गया था।

