स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल-खड़गे शामिल नहीं हुए: लगातार दूसरी साल लाल किले पर नहीं पहुंचे; प्रोटोकॉल-सीटिंग अरेंजमेंट से नाराजगी
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राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे 2025 स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए थे। (फाइल फोटो- X)
नेशनल डेस्क. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को लाल किले पर आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए। दोनों कांग्रेस नेताओं ने लगातार दूसरे साल इस कार्यक्रम से दूरी बनाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया।
इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के समारोह में शामिल नहीं होने की वजह प्रोटोकॉल और सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर आपत्तियां थीं। कांग्रेस का मानना है कि राष्ट्रीय समारोहों में उनके संवैधानिक और आधिकारिक पद के हिसाब से प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है।
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राहुल को भेजा गया था निमंत्रण
राहुल गांधी को स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था। रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उनकी सीट आधिकारिक टेबल ऑफ प्रेसिडेंस (वरीयता क्रम) के मुताबिक तय की जाएगी।
राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी वारंट ऑफप्रेसिडेंस के मुताबिक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष माना जाता है। इसी आधार पर राजकीय और औपचारिक कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल और बैठने की व्यवस्था तय की जाती है।
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2024 में पांचवीं पंक्ति में बैठे थे राहुल
राहुल गांधी की सीट को लेकर विवाद 2024 स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान शुरू हुआ था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल पहली बार इस पद पर रहते हुए लाल किले के कार्यक्रम में शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें 5वीं पंक्ति में बैठाया गया था।
कांग्रेस ने इस पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया था कि सरकार ने नेता प्रतिपक्ष के पद का अपमान किया है। वहीं, रक्षा मंत्रालय ने सफाई दी थी कि समारोह में शामिल ओलिंपिक खिलाड़ियों को जगह देने के लिए सीटिंग अरेंजमेंट में बदलाव किया गया था।
गणतंत्र दिवस की सीटिंग पर भी कांग्रेस ने उठाए थे सवाल
कांग्रेस ने स्वतंत्रता दिवस के अलावा गणतंत्र दिवस समारोह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की सीटिंग को लेकर भी सवाल उठाए थे। पार्टी ने आरोप लगाया था कि दोनों वरिष्ठ नेताओं को तीसरी पंक्ति में जगह दी गई। हालांकि, रक्षा मंत्रालय का कहना रहा है कि 2025 और 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह में सीटिंग व्यवस्था निर्धारित टेबल ऑफ प्रेसिडेंस के अनुसार ही की गई थी।
क्या है टेबल ऑफ प्रेसिडेंस?
टेबल ऑफ प्रेसिडेंस देश में संवैधानिक और सरकारी पदों की औपचारिक वरीयता निर्धारित करता है। राजकीय और औपचारिक समारोहों में इसी के आधार पर अलग-अलग पदों पर बैठे लोगों का प्रोटोकॉल और सीटिंग तय की जाती है। यह राजनीतिक दल के आधार पर नहीं, बल्कि संबंधित व्यक्ति के संवैधानिक या आधिकारिक पद के आधार पर निर्धारित होता है।

