बारिश-बाढ़ से पहाड़ों पर तबाही: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रोकी गई; पंजाब में 3 सितंबर तक स्कूल-कॉलेज बंद, हिमाचल में अब तक 300 की मौत
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उत्तराखंड में अब तक बारिश और बाढ़ से 75 लोगों की मौत हो चुकी है।
नेशनल डेस्क. जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से तबाही जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार को पहाड़ी राज्यों के अलावा पंजाब में भी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। बारिश का अलर्ट देखते हुए उत्तराखंड में चार धाम और हेमकुंड साहिब यात्रा रोक दी गई है। पंजाब में स्कूल-कॉलेज 3 सितंबर तक बंद कर दिए गए हैं। इस साल मानसूनी बारिश से हिमाचल सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां 20 जून से अब तक 300 लोगों की मौत हो चुकी है। जम्मू कश्मीर में भी बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने से जुड़ी घटनाओं में 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
हिमाचल में अब तक 300 से ज्यादा मौतें
हिमाचल में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ ने लोगों की मुसीबत बढ़ा रखी है। चंबा और शिमला सबसे ज्यादा प्रभावित है। चंबा में प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में 15 दिन में 16 श्रद्धालुओं की मौत हुई। खराब मौसम के चलते यह यात्रा रोक दी गई। अभी भी इसमें 15,000 से अधिक श्रद्धालुओं के फंसे होने की आशंका है। मानसून आने के बाद से हिमाचल में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा राज्य में 819 सड़कें, जिनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं, 1,236 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 424 जल आपूर्ति योजनाओं को भारी नुकसान हुआ है।
चंबा में 253, मंडी में 206, कुल्लू में 175 और कांगड़ा में 61 सड़कें बंद पड़ी हैं। हिमाचल के कई हिस्सों में अगले 3 दिनों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी है, जिसमें ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर शामिल हैं।
उत्तराखंड में अगले 24-48 घंटे अहम- सीएम धामी
उत्तराखंड डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के मुताबिक, राज्य में 75 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 90 से अधिक लोग लापता है। घायलों की संख्या 107 पहुंच चुकी है। CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा- हमारे कुछ जिलों में रेड अलर्ट और कुछ में ऑरेंज अलर्ट जारी है। अगले 24 से 48 घंटे बहुत अहम हैं, हमें सतर्क रहना होगा। प्रशासन, NDRF, SDRF और सभी डिपार्टमेंट अलर्ट पर हैं। हम नानक सागर डैम की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। डैम अभी खतरे के स्तर से 5 फीट नीचे बह रहा है।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चंपावत जिलों के लिए रेड अलर्ट, जबकि अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि बारिश से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
पंजाब में स्कूल और कॉलेज बंद
पहाड़ों से लगातार आ रहे पानी की वजह से पंजाब भी बाढ़ की चपेट में है। पंजाब के 10 जिलों के 1300 गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला और फिरोजपुर है। पंजाब में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी कॉलेज और स्कूलों को बुधवार (3 सितंबर) तक बंद कर दिया है।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक्स(X) पर लिखा- सभी से अनुरोध है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, पटियाला और नवांशहर में रेड अलर्ट, जबकि अन्य जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीने का पानी और अन्य राहत सामग्री पहुंचाया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में 130 से ज्यादा लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और बाढ़ के कारण 14 अगस्त के बाद से अब तक 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण कई रास्ते बंद है। शासन और प्रशासन पूरी ताकत के साथ राहत और बचाव कार्य कर रहा है।

