'राजा-बघेल हटाओ' vs 'चन्नी भगाओ': पंजाब कांग्रेस में 'ऑल इज नॉट वेल; पोस्टरों से सड़क पर आई चन्नी-राजा वडिंग की जंग
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पंजाब में पूर्व CM चन्नी के समर्थकों ने भूपेश बघेल को जनरल डायर बताते हुए वापस जाने के पोस्टर लगाए।
नेशनल डेस्क. पंजाब में विधानसभा चुनाव (2027) के लिए 6 महीने से कम समय रह गया है। कांग्रेस ने चुनाव से पहले 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' अभियान के दौरान पार्टी के भीतर मतभेद और गुटबाजी सामने आई है। अब पंजाब के पूर्व CM और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना सांसद अमरिंदर राजा वडिंग के बीच पोस्टर वॉर छिड़ गया है।
मुक्तसर में बघेल-अमरिंदर राजा के खिलाफ पोस्टर
दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर राजा के गृह जनपद मुक्तसर में सोमवार को पोस्टर लगाए गए। इनमें पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की तुलना जनरल डायर से की गई है। इन पोस्टर में लिखा है- बघेल वापस जाओ। वहीं, कुछ पोस्टर चन्नी के समर्थन में भी लगा है- 'राजा-बाघेल हटाओ, कांग्रेस बचाओ', 'राहुल गांधी, पंजाबियों की पुकार सुनो, चन्नी को वापस लाते हैं, कांग्रेस की सरकार बनाते हैं।'

पोस्टर को लेकर मुक्तसर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शुभदीप सिंह बिट्टू और ब्लॉक अध्यक्ष शरणजीत सिंह संधू ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और होर्डिंग्स छापने के लिए प्रिंटिंग प्रेस के खिलाफ कार्रवाई की मां गकी है। दोनों नेताओं ने पूर्व नगर पार्षद गुरमीत सिंह जीता पर भी होर्डिंग्स छपवाने और लगवाने का आरोप लगाया। हालांकि, जीता ने इन आरोपों से इनकार किया है।
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फिरोजपुर में चन्नी के खिलाफ पोस्टर
फिरोजपुर में अमरिंदर राजा और बघेल के कार्यक्रम से पहले पूर्व CM चन्नी के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें चन्नी RSS लिखी बनियान और खाकी शॉर्ट्स पहने दिखाया गया है। इन पोस्टर में राहुल से चन्नी को पार्टी से बाहर निकालने की अपील करते हुए लिखा है- चन्नी को भगाओ, कांग्रेस को बचाओ।

भटिंडा-अमृतसर में भी पोस्टर
भटिंडा में चन्नी के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें राहुल से चन्नी को पार्टी का चेहरा बनाने की मांग की गई है। वहीं, अमृतसर में जो पोस्टर लगे हैं, उनमें लिखा है- घर-घर दे विच चली गल, चन्नी चला बीजेपी वल।
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उधर, मोगा और अन्य जगहों पर पार्टी मीटिंग के दौरान भी दोनों गुटों के समर्थकों में झड़प की खबरें आई हैं। पटियाला और संगरूर में अमरिंदर राजा के कार्यक्रम में भी चन्नी के समर्थन में नारेबाजी हुई। संगरूर में तो दोनों गुटों के समर्थकों के बीच सीनियर नेताओं की मौजूदगी में झड़प हुई।
पार्टी आलाकमान ने चन्नी को बुलाया
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गुटबाजी की खबरों के बीच कांग्रेसमहासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने नई दिल्ली में चन्नी से मुलाकात की और उन्हें ये सुनिश्चित करने के लिए कहा कि उनके समर्थक पार्टी कार्यक्रमों में बाधा न डालें। उन्होंने चन्नी से यह भी कहा कि कोई भी नेता दूसरे नेता के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी न करे। सूत्रों के मुताबिक, चन्नी ने वेणुगोपाल को बताया कि बाधा डालने वाले उनके समर्थक नहीं हैं। चन्नी को भरोसा दिया गया कि उनकी चिंताओं पर पार्टी विचार करेगी और जल्द गुटबाजी को खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि वेणुगोपाल जल्द अमरिंदर राजा के साथ भी ऐसी ही बैठक करेंगे।

पंजाब कांग्रेस में क्या है विवाद
पंजाब कांग्रेस में विवाद 1 जुलाई को सामने आया, जब कांग्रेस हाईकमान ने राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया और चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया। बताया जा रहा है कि चन्नी इस फैसले से नाराज हैं। पिछले महीने चन्नी समर्थक नेताओं ने पार्टी आलाकमान को संदेश भेजा था कि चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर उनके चेहरे पर चुनाव लड़ा जाए, तभी पार्टी की राज्य में सरकार बन सकती है। अगर अमरिंदर सिंह प्रदेश अध्यक्ष रहे तो पार्टी चुनाव हार जाएगी।

