30 साल का गढ़ 30 दिन में ढह गया: बांकीपुर में जीत के बाद प्रशांत किशोर बोले- यह चुनाव BJP के लिए एक मैसेज, बिहार में पढ़ा-लिखा CM दो, पलायन रोको
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बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने 19 हजार से ज्यादा वोट से जीत हासिल की। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। जन सुराज पार्टी के चीफ प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अपनी जीत को सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि BJP हाईकमान के लिए बिहार की जनता का एक मैसेज बताया। उन्होंने कहा कि 30 साल का गढ़ 30 दिन में इसलिए ढह गया क्योंकि बिहार की जनता अब 5 किलो फ्री अनाज नहीं चाहती। वह चाहती है कि बिहार में पढ़ा-लिखा CM हो, जो राज्य में नौकरियां ला सके ताकि यहां से हो रहा पलायन रुके।
‘बिहार पर ध्यान दो, पलायन रोको नहीं तो ऐसे ही हारते रहोगे’
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर चुनाव को BJP की राज्य और केन्द्र सरकार के लिए एक मैसेज बताते हुए कहा कि बिहार के लोगों ने आपको लोकसभा में बंपर जीत दिलाकर एक बार फिर PM बनने में मदद की। अब आपकी जिम्मेदारी है कि जितना ध्यान गुजरात पर दिया जा रहा है, उतना ही बिहार पर भी दो। विधानसभा में भी आपको जितवाया। अगर आपने वादे पूरे नहीं किए और बिहार के विकास, युवाओं के रोजगार और पलायन रोकने पर काम नहीं किया तो यहां की जनता अगले चुनावों में इसी तरह BJP को हराएगी।

1995 से BJP का गढ़ था बांकीपुर
बांकीपुर विधानसभा सीट (पूर्व में पटना पश्चिम) 1995 से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है। पहले इस सीट पर बीजेपी नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा जीतते थे, बाद में उनके बेटे नितिन नवीन लगातार पांच बार यहां से विधायक चुने गए।
यहां उपचुनाव इसलिए हुआ क्योंकि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन ने राज्यसभा सदस्य चुने जाने पर विधानसभा सीट छोड़ दी थी। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने 50 हजार से ज्यादा वोट के अंतर से जीत दर्ज की थी। ऐसे में उनके गढ़ में प्रशांत किशोर की जीत को बीजेपी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
जन सुराज के लिए बड़ा अचीवमेंट
लंबे वक्त से अलग-अलग दलों के चुनावी रणनीति बनाने वाले प्रशांत किशोर ने जन सुराज पार्टी की नींव शिक्षा, रोजगार और जमीनी मुद्दों के आधार पर रखी थी। पिछले साल बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में इस पार्टी से बहुत उम्मीदें थीं लेकिन यह एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। ऐसे में अब पहली जीत हासिल होना, वो भी नितिन नवीन की सीट से चुनाव जीतना जन सुराज और प्रशांत किशोर के लिए बड़ा अचीवमेंट है।
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