'किसानों के हितों से समझौता नहीं करेंगे': अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के टैरिफ वॉर के बीच बोले पीएम मोदी, कहा- भारत हर कीमत चुकाने के लिए तैयार
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पीएम मोदी गुरुवार को दिल्ली में एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे थे। (फाइल फोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ वॉर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, हमारे लिए भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरे के हितों से कभी भी समझौता नहीं करेगा। मैं जानता हूं, व्यक्तिगत रूप से मुझे इसके लिए बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके लिए मैं तैयार हूं। देश के किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के लिए भारत आज तैयार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कुछ दिन पहले 7 अगस्त से भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। ट्रम्प ने रूस से तेल खरीद जारी रखने पर बुधवार को भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत एक्स्ट्रा पेनाल्टी लगाई। ऐसे में भारतीय निर्यात पर अब अमेरिका ने कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है।
एक दिन पहले ट्रम्प ने दी थी टैरिफ बढ़ाने की धमकी
ट्रम्प ने मंगलवार को सोशल मीडिया ट्रूथ पर पोस्ट किया था- भारत न केवल रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीद रहा है बल्कि मुनाफे के लिए ओपन मार्केट में बेच भी रहा है। भारत को इस बात की परवाह नहीं है कि रूस की मदद करने से रोजाना कितने यूक्रेनियन मारे जा रहे हैं। अगर ऐसा ही जारी रहा तो हम भारत पर 25% के बदले 100% टैरिफ लगाएंगे। अगले 24 घंटे में हम इस पर कोई ऐलान कर सकते हैं। ट्रम्प के इसी बयान से भारत बिफर गया।
विदेश मंत्रालय ने भी दिया अमेरिका को करारा जवाब
रूस से पहले भारत ने सोमवार को अमेरिका को जवाब दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था- यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद रूस से तेल आयात करने के कारण भारत अमेरिका और यूरोपीय संघ के निशाने पर है। वास्तव में, भारत ने रूस से आयात करना इसलिए शुरू किया क्योंकि संघर्ष शुरू होने के बाद पारंपरिक आपूर्ति यूरोप की ओर मोड़ दी गई थी। उस समय संयुक्त राज्य अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता को मजबूत करने के लिए भारत के इस कदम की तारीफ की थी।
'रूस से खुद व्यापार कर रहा अमेरिका'
भारत ने कहा था- अमेरिका खुद रूस से कई प्रोडक्ट खरीद रहा है। यूक्रेन के लोगों के लिए अमेरिका की चिंता तब कहां जाती है, जब अमेरिका न्यूक्लियर इंडस्ट्री के लिए रूस से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड खरीदता है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंडस्ट्री के लिए पेलेडियम, फर्टिलाइजर्स और कैमिकल खरीदता है। सभी बड़े देशों की तरह भारत भी नेशनल इंटरेस्ट और इकोनॉमिक सिक्योरिटी की चिंता करता है। इसलिए, भारत को टारगेट करना गलत है।
भारत ने खोली पोल तो ट्रम्प की बोलती हुई बंद
भारत के दावे के बाद जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से रूस से सामान खरीदने को लेकर सवाल किया गया। इस पर टम्प ने जवाब दिया कि उन्हें इस बारे में नहीं पता, वे इसकी जांच कराएंगे।
अभी और प्रतिबंध देखने को मिलेंगे- ट्रम्प
टम्प ने गुरुवार को फिर से भारत को धमकी दी है। उनसे जब मीडिया ने सवाल किया- भारतीय अधिकारियों का कहना है कि और भी देश रूस से तेल खरीद रहे हैं तो सिर्फ भारत को क्यों निशाना बनाया गया है?
इस पर ट्रम्प ने कहा- कोई बात नहीं। अभी तो सिर्फ़ आठ घंटे ही हुए हैं। देखते हैं क्या होता है। अभी आपको और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा। आपको कई अतिरिक्त प्रतिबंध भी देखने को मिलेंगे।

