मणिपुर दौरे पर PM मोदी ने नेपाल को बताया करीबी दोस्त : नेपाल के Gen-Z की तारीफ की; कहा- सुशीला कार्की का आना महिला सशक्तिकरण की मिसाल
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मणिपुर में मई 2023 में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की शुरुआत हुई थी। इसके बाद से यह पीएम का पहला दौरा है। क्रेडिट- ANI
नेशनल डेस्क: PM मोदी शनिवार दोपहर मणिपुर पहुंचे। मणिपुर हिंसा के बाद राज्य में उनका पहला दौरा है। मोदी दोपहर करीब 12 बजे इम्फाल एयरपोर्ट पहुंचे। पहले उन्हें हेलिकॉप्टर के जरिए चुराचांदपुर जाना था, लेकिन खराब मौसम के चलते सड़क मार्ग से निकलना पड़ा। डेढ़ घंटे बाद मोदी चुराचांदपुर पहुंचे। यहां पारंपरिक रूप से उनका स्वागत हुआ। प्रधानमंत्री ने चुराचांदपुर में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने यहां पीस ग्राउंड स्थित रिलीफ सेंटर में हिंसा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
PM ने कहा कि अंतरिम PM सुशीला कार्की के पदभार ग्रहण करने पर मैं 140 करोड़ भारतीयों की तरफ से हार्दिक बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है वह नेपाल में शांति, शीलता और समद्धि का मार्ग प्रस्तुत करेंगी।
उन्होंने कहा कि, नेपाल में सुशीला जी का आना महिला सशक्तिकरण का बहुत उत्तम उदाहरण है। मैं ऐसे हर एक व्यक्ति की सराहना करूंगा, जिन्होंने ऐसे माहौल में भी लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखा।
नेपाल के Gen- Z की तारीफ की
नरेंद्र मोदी ने कहा कि नेपाल में एक बात और विशेष रही है। पिछले दो 3 दिनों से नेपाल के युवक - युवतियां नेपाल की सडकों पर सफाई और रंगरोगन बड़ी पवित्रता से कर रहे हैं। मैंने उनकी सोशल मीडिया पर तस्वीरें देखी है। उनकी सकारात्मक सोच न केवल प्रेरणादायक है बल्कि नेपाल के नवोदय का एक स्पष्ट संकेत भी है। मैं नेपाल के उसके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
'मैं इस पल को कभी नहीं भूल सकता'
इससे पहले PM मोदी ने चुराचांदपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- मणिपुर की धरती हौसले और हिम्मत की है। मैं आप लोगों के जज्बे को सैल्यूट करता हूं। आप लोग भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचे, इसके लिए आप लोगों का आभार। मेरा हेलिकॉप्टर खराब मौसम की वजह से नहीं आ पाया, इसलिए मैंने सड़क के रास्ते से जाने का फैसला किया। रास्ते में युवाओं और बुजुर्गों को हाथों में तिरंगा लिए देखा। मैं इस पल को अपनी जिंदगी में कभी नहीं भूल सकता।
हमारी सरकार ने सड़कों को सुधारा
मोदी ने कहा कि मणिपुर बॉर्डर स्टेट है और यहां कनेक्टिविटी हमेशा से बड़ी चुनौती रही है। खराब सड़कों की वजह से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। 2014 से NDA सरकार ने दो स्तरों पर काम किया है- पहला, सड़क और रेलवे के बजट में बढ़ोतरी; दूसरा, गांवों को सड़कों से जोड़ने का अभियान। हाल के वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 3,700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जबकि नए हाईवे प्रोजेक्ट्स पर 8,700 करोड़ रुपए लगाए जा रहे हैं।
बता दें कि PM के दौरे को देखते हुए सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी गई थी। इम्फाल के कांगला किले के आसपास और चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड में बड़ी संख्या में राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। PM मोदी ने मणिपुर के लिए करोड़ों रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
मिजोरम में नई रेल लाइन का उद्घाटन किया
मोदी इस वक्त नॉर्थ ईस्ट राज्यों के दौरेे पर हैं। वे पहले मिजोरम पहुंचे। उन्होंने यहां 8,070 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन का उद्घाटन किया। यह मिजोरम की राजधानी आइजोल को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।

प्रियंका बोली- दौरा पहले ही कर लेना चाहिए था
मोदी के मणिपुर दौरे पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने तंज कसा है। उन्होंने कहा- मुझे खुशी है कि PM ने 2 साल बाद यह फैसला किया है। उन्हें बहुत पहले ही दौरा कर लेना चाहिए था। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने वहां जो कुछ भी हो रहा था उसे इतने लंबे समय तक होने दिया।
13-15 सितंबर से 5 राज्यों के दौरे पर PM
PM मोदी 13 से 15 सितंबर तक मिजोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार का दौरा करेंगे। इन राज्यों में PM 71850 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। PM मोदी बिहार में नेशनल मखाना बोर्ड लॉन्च करेंगे। पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे।
मणिपुर में हिंसा क्यों हुई
27 मार्च 2023 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मैतेई समुदाय को ST (अनुसूचित जनजाति) में शामिल करने के लिए कहा। इसके विरोध में पहाड़ी एरिया में रहने वाले कुकी ट्राइब्स के लोगों ने पूरे राज्य में प्रदर्शन किए। कुछ ही महीनों में राज्य में कुकी और मैतेई के बीच जातीय हिंसा भड़क गई।
प्रशासन ने हिंसा के चलते शूट एट साइट के ऑर्डर दिए थे। प्रदेश के अधिकांश जिलों में कर्फ्यू लगाया गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए सेना और असम राइफल्स को मैदान में उतारा गया। हालांकि फरवरी 2025 में मणिपुर हाईकोर्ट ने उस आदेश के अंश को हटा दिया, जिसमें मैतेई समुदाय को ST का दर्ज देने की बात कही थी। इसके बाद भी राज्य में पूरी तरह से शांति स्थापित नहीं हो पाई।
अभी मणिपुर में सरकार की स्थिति
मणिपुर में इस समय राष्ट्रपति शासन लागू है, जो 13 फरवरी 2025 से प्रभावी है। मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने जातीय हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के चलते इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद विधानसभा को निलंबित कर राज्य की कमान राज्यपाल को सौंप दी गई। भाजपा के कुछ विधायक सरकार बनाने का दावा कर रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।
9–10 जून 2025 को पूर्व मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह और सांसद लेइशेम्भा सनाजाओबा ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मणिपुर में शांति और निर्वाचित सरकार बहाल करने की मांग की थी। विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह ने भी कहा कि राष्ट्रपति शासन अब समाप्ति की ओर है, इसलिए राज्य में जल्द चुनाव जरूरी हैं। फिलहाल केंद्र और स्थानीय नेताओं के बीच बातचीत जारी है, ताकि मणिपुर में शांति और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था फिर से बहाल की जा सके।

