1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग: परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग... स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से PM मोदी के 6 बड़े ऐलान
Published:
3 min read

पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले से तिरंगा झंडा फहराया।
नेशनल डेस्क. देशभर में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। पीएम का ये संबोधन 75 मिनट का रहा। यह पिछले 4 साल में उनका सबसे छोटा संबोधन रहा। पिछले साल 79वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम का भाषण 103 मिनट का था। 2024 में उन्होंने 98 मिनट का भाषण दिया था।

ये भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल-खड़गे शामिल नहीं हुए: लगातार दूसरी साल लाल किले पर नहीं पहुंचे; प्रोटोकॉल-सीटिंग अरेंजमेंट से नाराजगी
पीएम मोदी ने लाल किले से किए ये 6 बड़े ऐलान
AI यूथ स्किलिंग: आने वाले सालों में देशभर से 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी।
फ्री ऑनलाइन कोचिंग: युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी।
सिविल डिफेंस सुधार: बदलती सुरक्षा जरूरतों से निपटने के लिए प्रशिक्षण को आधुनिक बनाया जाएगा और क्षमताएं बढ़ाई जाएंगी।
स्पोर्ट्स टैलेंट हंट: गांवों और शहरों में 5 से 15 साल के बच्चों की खेल प्रतिभा तलाशने के लिए देशव्यापी अभियान चलाया जाएगा।
सेमीकंडक्टर: अगले 1 से 2 साल में 7–8 नए सेमीकंडक्टर उत्पादन प्लांट शुरू किए जाएंगे।
परमाणु ऊर्जा: 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य; अगले 6–7 साल में 5 नए परमाणु रिएक्टर चालू किए जाएंगे।

ये भी पढ़ें: 1947 विभाजन: कैसे हुआ था इंडियन ब्रिटिश आर्मी का बंटवारा, भारत और पाकिस्तान... किसे कितने सैनिक-हथियार मिले
लाल किले पर गूंजा वंदे मातरम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा- आज जो इस समारोह में उपस्थित हैं, उन सभी के लिए आज एक ऐतिहासिक पल भी है। आजादी के बाद 15 अगस्त, लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है। आज जब हम देश के लोग वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है।

ये भी पढ़ें: आजादी के 79 साल: मोदी ने 13वीं बार लाल किले से झंडा फहराया; नेहरू सबसे आगे, जानें इंदिरा गांधी किस नंबर पर
दिमागी नक्सल मौके की तलाश में- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा- 21वीं सदी में दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म करना बहुत अनिवार्य है। नक्सलवाद, माओवाद लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया, अनेक माताओं के नौजवानों को छीन लिया, बर्बाद कर दिया और मां-बाप के सपनों को चूर-चूर कर दिया। इस नक्सलवाद ने चार दशक तक हिंदुस्तान के बहुत बड़े हिस्से को, वहां की बड़ी आबादी को दबोचकर रखा था, बंदूक की नोंक पर दबोचकर रखा ता और संविधान की धज्जियां उड़ा दी थीं और देश के सामान्य नागरिकों की रक्षा में 3500 से ज्यादा हमारे पुलिस सुरक्षा बल के जवान शहीद हो गए।
उन्होंने कहा- युद्ध के अंदर जितने सैनिक मरते हैं, उससे ज्यादा हमारे पुलिस-जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी ताकि देश के सामान्य मानवी को सुरक्षा मिले। 2014 में आपने हमें जब मौका दिया, उसी दिन हमने संकल्प लिया था कि हम देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे और आज मुझे खुशी है कि नक्सली-माओवादी हिंसा, आखिरी सांस भी शायद रहने की ताकत नहीं रही। हथियारी नक्सल तो गए लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं, हिंसा और अराजकता के वे रास्ते खोज रहे हैं। समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए, भांति-भांति के दांव खेल रहे हैं, इन दिमागी नक्सलों को पहचानना होगा।

