कांग्रेस ने एक CEC को चुनाव लड़ाया, दूसरे को मंत्री बनाया: पीयूष गोयल बोले- 2 चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल भी बनाया; ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर घेरा
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केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के सवालों पर पलटवार किया है।
नेशनल डेस्क। चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के निशाने पर आई BJP ने अब पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस के पुराने फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने एक चीफ इलेक्शन कमिश्नर को लोकसभा चुनाव लड़ाया, दूसरे को केंद्रीय मंत्री बनाया और दो चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल नियुक्त किया।
गोयल ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है, लेकिन उसे अपने पुराने रिकॉर्ड को भी देखना चाहिए। उन्होंने पूर्व चीफ इलेक्शन कमिश्नर टीएन शेषन, एमएस गिल, आरके त्रिवेदी और नवीन चावला का नाम लेते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
आडवाणी के खिलाफ टीएन शेषन को टिकट दिया था
पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस ने पूर्व चीफ इलेक्शन कमिश्नर टीएन शेषन को 1999 के लोकसभा चुनाव में BJP के सीनियर लीडर लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ उम्मीदवार बनाया। शेषन गुजरात की गांधीनगर सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
टीएन शेषन 1990 से 1996 तक देश के चीफ इलेक्शन कमिश्नर रहे थे। चुनाव सुधारों को लेकर उनके कार्यकाल की अक्सर चर्चा होती है।
एमएस गिल को मंत्री बनाने का भी जिक्र
गोयल ने पूर्व चीफ इलेक्शन कमिश्नर एमएस गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें CEC रहते हुए पद्म विभूषण दिया गया और बाद में कांग्रेस में शामिल होने पर केंद्रीय मंत्री बनाया गया।
गोयल ने इस नियुक्ति को कांग्रेस की ओर से अपने पक्ष में काम करने वालों को इनाम देने से जोड़कर पेश किया।
दो पूर्व चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल बनाने का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने आरके त्रिवेदी और नवीन चावला का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आरके त्रिवेदी को रिटायरमेंट के दो महीने बाद ही गुजरात का राज्यपाल बनाया गया।
गोयल ने नवीन चावला की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, तत्कालीन चीफ इलेक्शन कमिश्नर एन. गोपालस्वामी ने चावला को हटाने की सिफारिश की थी, लेकिन बाद में उन्हें ही चीफ इलेक्शन कमिश्नर बना दिया गया।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर आमने-सामने विपक्ष और BJP
पीयूष गोयल का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्ष और BJP आमने-सामने हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट के SIR पर पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रोसेस में गड़बड़ियां हुई हैं।
सोमवार को राहुल गांधी की लीडरशिप में INDIA ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया था। विपक्ष चुनाव आयोग के काम करने के तरीकों और CEC ज्ञानेश कुमार के मामले में बातचीत के लिए CJI से मिलना चाहते थे। CJI के इनकार के बाद विपक्ष ने यह मार्च निकाला था। इस बीच विपक्ष के 11 नेताओं ने चुनाव आयोग के SIR से जुड़े फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी।
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