गैंगस्टर चंदन मिश्रा हत्याकांड: मां टीचर, पिता हार्डवेयर व्यापारी, कौन है तौसीफ बादशाह; जिसने उड़ाई बिहार पुलिस की नींद
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चंदन मिश्रा हत्याकांड में शामिल शूटर तौसीफ की पहचान हुई।
पटना के चंदन मिश्रा हत्याकांड में शामिल शूटरों की पहचान हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में सबसे आगे नजर आया शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह है। वह फुलवारी शरीफ का रहने वाला है। तौसीफ की मां टीचर हैं, जबकि पिता हार्डवेयर व्यापारी। बाकी शूटरों की भी पहचान हो गई है, हालांकि, पुलिस ने अभी उजागर नहीं की है।
बिहार की राजधानी पटना में 5 शूटरों ने सुबह करीब 7 बजे पारस हॉस्पिटल में घुसकर चंदन मिश्रा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। चंदन मिश्रा खुद एक गैंगस्टर था। वह हत्या के एक मामले में सजायाफ्ता भी था। अभी वह पैरोल पर छूटकर वापस आया था और पारस हॉस्पिटल में इलाज करा रहा था।
कौन था गैंगस्टर चंदन मिश्रा
चंदन मिश्रा बिहार के बक्सर जिले का रहने वाला था। चंदन पर 24 केस दर्ज थे। हत्या के मामले में वह सजायाफ्ता भी था और बक्सर जेल में सजा काट रहा था। कुछ समय पहले ही चंदन को भागलपुर लाया गया था। चंदन की अचानक तबीयत बिगड़ी तो उसे 21 दिन की पैरोल पर इलाज के लिए पटना भेजा गया था।
हत्या के बाद शूटरों ने मनाया जश्न
हॉस्पिटल में एंट्री लेते शूटरों में सबसे आगे तौसीफ ही था। उसने अपना चैहरा भी नहीं छिपा रखा था। उसके हाथ में पिस्टल थी। वह साथी शूटरों के साथ आईसीयू में एंट्री लेता है और हत्या को अंजाम देता है। इसके बाद चार शूटर भागते हुए अस्पताल से बाहर निकले। जबकि तौसीफ बेखौफ आऱाम से चलता हुआ बाहर आया। पुलिस के मुताबिक, तौसीफ का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी है। उस पर आर्म्स एक्ट के तहत भी केस चल रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले ही तौसीफ सुपारी किलिंग का काम करने लगा था।
हत्याकांड से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया, जिसमें तौसीफ अपने दो साथी शूटरों के साथ बाइक पर बैठा नजर आ रहा है। उसके एक हाथ में गन थी। सभी शूटरों ने हत्या को अंजाम देने के बाद जश्न मनाया।
बिहार में कोई सुरक्षित नहीं- तेजस्वी यादव
अस्पताल गोलीबारी की घटना पर RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकारी अपराधियों ने अस्पताल में भर्ती मरीज को ICU में घुसकर गोली मारी है। बिहार में कोई भी कहीं भी सुरक्षित नहीं है।
चिराग पासवान ने उठाए सवाल
चिराग पासवान ने अस्पताल में हुई हत्या पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बिहार में प्रतिदिन हत्याएं हो रही है , अपराधियों का मनोबल आसमान पर है। पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली समझ से परे है। सरेआम गोलीबारी की घटना इस बात का प्रमाण है कि अपराधी अब कानून और प्रशासन को सीधी चुनौती दे रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बढ़ते आपराधिक मामले चिंताजनक है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ठोस और कड़े कदम उठाएगी।

