भारत विभाजन विभीषिका दिवस: PM मोदी बोले- ये दुखद अध्याय लोगों की पीड़ा याद दिलाता है, अमित शाह ने कहा- कांग्रेस ने देश को टुकड़ों में बांटा
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मोदी सरकार ने 2021 में 14 अगस्त को याद करने के लिए विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का ऐलान किया था।
ब्रिटिश सरकार ने 14 अगस्त 1947 को भारत का बंटवारा किया था। भारत सरकार ने 2021 में देश के बंटवारे के कारण अपनी जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए सभी लोगों की पीड़ा और कष्टों को याद करने के लिए विभाजन विभीषिका दिवस मनाने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा, आज का दिन विभाजन में कष्ट झेलने वाले लोगों के धैर्य, अकल्पनीय क्षति का सामना करने और फिर भी नए सिरे से शुरुआत करने की ताकत पाने की उनकी क्षमता का सम्मान करने का भी दिन है।
प्रभावित लोगों ने जीवन का पुनर्निर्माण किया- PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाता है और हमारे इतिहास के उस दुखद अध्याय के दौरान अनगिनत लोगों द्वारा झेली पीड़ा को याद करता है। यह उनके धैर्य, अकल्पनीय क्षति का सामना करने और फिर भी नए सिरे से शुरुआत करने की ताकत पाने की उनकी क्षमता का सम्मान करने का भी दिन है। प्रभावित हुए कई लोगों ने अपने जीवन का पुनर्निर्माण किया और उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। यह दिन हमारे देश को एक सूत्र में पिरोने वाले सद्भाव के बंधन को मजबूत करने की हमारी स्थायी जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है।
कांग्रेस ने देश को टुकड़ों में बांटा- गृहमंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, देश के विभाजन और उसकी त्रासदी के शिकार लोगों के दर्द को याद कर संवेदना व्यक्त करने का दिन है। इस दिन कांग्रेस ने देश को टुकड़ों में बांटकर मां भारती के स्वाभिमान को चोट पहुंचाई। विभाजन के कारण हिंसा, शोषण और अत्याचार हुए, और करोड़ों लोगों ने विस्थापन झेला। मैं उन सभी लोगों के प्रति मन की गहराई से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। देश विभाजन के इस इतिहास और दर्द को कभी भुला नहीं सकेगा। विभाजन की इस विभीषिका में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
1947 के दर्दनाक अध्याय को याद करते हैं- रक्षामंत्री राजनाश सिंह
उधर, केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 14 अगस्त यानी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के उस दर्दनाक अध्याय को स्मरण करते हुए, मैं उन सभी भाइयों-बहनों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिन्हें भारत के विभाजन के बाद नफरत और हिंसा के भयावह परिणाम भुगतने पड़े और जन-धन की हानि देखनी पड़ी। उन पीड़ित परिवारों के प्रति आज भी हर भारतीय के भीतर एक संवेदना है। हम लोग देश में सामाजिक सौहार्द को और मज़बूत करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था। देश के लोगों को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी तो मिल गई लेकिन इसकी कीमत विभाजन के रूप में चुकानी पड़ी। 14 अगस्त को भारत से अलग देश पाकिस्तान बना। इसके चलते लाखों लोगों की जान गई और इतने ही लोग बेघर हो गए। लोगों को रातोंरात पलायन के लिए मजबूर हुए। बंटवारे के बाद पाकिस्तान से आईं ट्रेनों में लाखों गैर मुस्लिमों के शव भर-भरकर आए। पीएम मोदी ने 2021 में इस दिन को याद करने के लिए विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का ऐलान किया था।

