नवरात्रि में संसद का स्पेशल सेशन बुला सकता है केंद्र: महिला आरक्षण और परिसीमन बिल की तैयारी, 11-15 अक्टूबर के बीच सत्र की चर्चा
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केंद्र सरकार अक्टूबर के पहले हफ्ते में स्पेशल सेशन की तारीखों का ऐलान कर सकती है।
नेशनल डेस्क. केंद्र सरकार संसद का स्पेशल सेशन बुलाने के विकल्प पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह विशेष सत्र नवरात्रि के दौरान 11 से 15 अक्टूबर के बीच रखे जाने की संभावना पर चर्चा चल रही है। इस दौरान संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बिलों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी विशेष सत्र की तारीख या एजेंडे को लेकर कोई ऐलान नहीं किया है।
नवरात्रि इस साल 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगी। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के मुताबिक कहा गया है कि त्योहार को ध्यान में रखते हुए सरकार 11 से 15 अक्टूबर के बीच संसद के स्पेशल सेशन के विकल्प पर विचार कर रही है। अगर फैसला होता है तो अक्टूबर के पहले सप्ताह में इसका ऐलान किया जा सकता है, ताकि सांसद अपने धार्मिक कार्यक्रमों की योजना उसी के अनुसार बना सकें।
मानसून सत्र खत्म, संसद औपचारिक रूप से स्थगित नहीं
विशेष सत्र के कयास इसलिए भी लगाए जा रहे हैं क्योंकि मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हो गया था। लेकिन संसद को औपचारिक तौर पर स्थगित नहीं किया गया। इसी वजह से विशेष बैठक बुलाए जाने की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। राज्यसभा के एक सीनियर सांसद ने कहा कि नवरात्रि के दौरान महिला आरक्षण का मुद्दा उठाने से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता का एक मजबूत संदेश जाएगा।
इससे पहले सितंबर में भी सरकार की ओर से विपक्षी दलों से संपर्क किए जाने की खबरें सामने आई थीं। सूत्रों ने बताया था कि विशेष सत्र का विकल्प खुला रखा गया है। हालांकि, इसकी तारीख को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
नवरात्रि में सेशन को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा?
BJP के एक सीनियर सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नवरात्रि के दौरान सत्र आयोजित करने की अपील की और कहा कि इससे महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दिखेगी। NDA के कई सांसदों ने यह भी कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश, पंजाब और पांच अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस कदम का महिला वोटर्स पर राजनीतिक प्रभाव पड़ सकता है।
महिला आरक्षण कानून को लागू करने की दिशा में अगला कदम
महिला आरक्षण का मुद्दा नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 से जुड़ा है। 106वें संविधान संशोधन के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए करीब एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया था। संवैधानिक व्यवस्था में यह परिसीमन से जुड़ा है।
सरकार ने अप्रैल 2026 में इस व्यवस्था को जल्द लागू करने की दिशा में तीन विधेयक पेश किए थे- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026।
प्रस्तावों में परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों के इस्तेमाल का रास्ता खोलने और लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या को बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान शामिल था। हालांकि, संविधान संशोधन बिल पास कराने के लिए सरकार दो तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाई और यह संसद में पास नहीं हो सका।

