पान मसाला की प्लास्टिक पैकिंग पर रोक: FSSAI ने जारी किया नया नियम; अब ऐसे होगी पैकिंग
Published:
2 min read

नेशनल डेस्क. खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) ने पान मसाला (गुटखा) की पैकिंग को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब बाजार में बिकने वाला पान मसाला प्लास्टिक या एल्युमिनियम फॉयल में पैक नहीं किया जा सकेगा। नए 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) अमेंडमेंट रेगुलेशन 2026' के तहत प्लास्टिक पैकिंग पूरी तरह से बैन रहेगा। यह नियम Official Gazette में छपने के बाद से लागू हो जाएगा।
अब किसमें पैक होगा पान मसाला
नए नियमों के मुताबिक, पान मसाला अब सिर्फ इको-फ्रेंडली और टीन के डिब्बों में ही बेचा जा सकेगा।
कागज और गत्ता- पैकिंग के लिए कागज, पेपर बोर्ड, सेल्युलोज या नेचुरल चीजों से मिलने वाली दूसरी चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
टीन और कांच- पान मसाले को टीन और कांच के डिब्बों में भी पैक करने की अनुमति दी गई है।
पुराने नियमों का भी होगा पालन
इस नए बदलाव के साथ-साथ पान मसाला की पैकिंग पर 'प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016' के नियम भी लागू रहेंगे। इस नई पैकिंग में पॉलीथिन, पॉलिएस्टर, पीवीसी (PVC) या किसी भी तरह के सिंथेटिक प्लास्टिक की मिलावट बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
देश में और किन प्लास्टिक चीजों पर है बैन?
भारत में गुटखा, तंबाकू और पान मसाला को प्लास्टिक के पाउच में बेचने पर 2016 से ही रोक है। 50 माइक्रोन से पतली प्लास्टिक की थैलियां या पन्नी का इस्तेमाल भी गैरकानूनी है। इसके अलावा मिठाई के डिब्बों, शादी के कार्ड और सिगरेट के पैकेट के ऊपर लपेटी जाने वाली प्लास्टिक फिल्म पर भी पूरी तरह से पाबंदी है।

