ISI और लश्कर ने कराया था पहलगाम हमला: रिपोर्ट में दावा- 26/11 के मुंबई हमले को दोहराने की साजिश थी, पाकिस्तानी आतंकियों ने अंजाम दिया
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पहलगाम हमले में आतंकियों ने सिर्फ पुरुषों की हत्या की थी। महिलाओं और बच्चों को छोड़ दिया था। (फाइल)
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुआ आतंकी हमला पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने कराया था। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक- हमले को पाकिस्तानी आतंकियों ने अंजाम दिया और इसके लिए उन्हें खास ट्रेनिंग दी गई थी। आतंकी मुंबई के 26/11 हमलों जैसा एक और हमला प्लान कर रहे थे। हालांकि, उनकी साजिश कामयाब नहीं हो सकी।
रिपोर्ट के मुताबिक- पाकिस्तान की स्पेशल फोर्स का पूर्व कमांडो सुलेमान ने पहलगाम हमले की कमान संभाली। इसने 2022 में M-4 राइफल के साथ LoC पार की थी। इसके पहले LeT के मुरीदके सेंटर में ट्रेनिंग की। उसे सिर्फ हमले के लिए ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक भारत में एक्टिव रहने की ट्रेनिंग दी गई थी। सैटेलाइट फोन के एनालिसिस से पता चला 15 अप्रैल को सुलेमान कि लोकेशन त्राल के जंगलों में थी। इसके एक हफ्ते के अंदर ही पहलगाम अटैक हुआ।
दो और आतंकियों की पहचान नहीं
टाइम्सुस ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक- सुलेमान के अलावा दो और पाकिस्तानी आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे। हालांकि अभी तक इनकी पहचान नहीं हो सकी है। शुरू में जम्मू-कश्मीर पुलिस को हाशिम मूसा और अली भाई नाम के आतंकियों पर शक था, लेकिन जांच में फिलहाल सिर्फ सुलेमान की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
पाकिस्तान के नेता और सेना भी शामिल
ISI और LeT ने हमला पाकिस्तानी नेताओं और सेना के ऑर्डर पर किया। ISI ने लश्कर कमांडर साजिद जट्ट को सिर्फ विदेशी आतंकियों से हमला करवाने को कहा था। इसके बाद हमले में किसी भी लोकल टेरेरिस्ट को शामिल नहीं किया गया। हालांकि, उनके लोकल नेटवर्क ने इसमें मदद की थी।

पहलगाम हमले के पहले का यह वीडियो फुटेज है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले की जांच जारी है। (फाइल)
लोकल टेरेरिस्ट ने ही ठहराया
एक सीनियर अफसर के मुताबिक- किसी लोकल टेरेरिस्ट को हमले में शामिल नहीं किया गया। न ही किसी को साजिश के बारे में बताया गया था। यहां तक कि जिन दो स्थानीय लोगों– परवेज अहमद जोथर (बटकोट, पहलगाम) और बशीर अहमद जोथर (हिल पार्क, पहलगाम) को NIA ने गिरफ्तार किया है, उनकी रोल भी काफी कम पाया गया। उन्होंने कुछ पैसों के बदले पाकिस्तानी आतंकियों को खाना, ठहरने की जगह और कुछ दूसरी चीजें मुहैया कराईं।
घाटी में 68 विदेशी आतंकी सक्रिय
रिपोर्ट में दावा किया गया कि घाटी में 68 विदेशी और 3 स्थानीय आतंकी सक्रिय हैं। साल 2025 की शुरुआत से अब तक एक नई स्थानीय भर्ती हुई है।

