पहलगाम हमला: मारे गए आतंकियों के पास पाकिस्तानी वोटर कार्ड; पाक में ही बने चॉकलेट्स मिले; 2022 में LOC पार करके भारत आए
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इस तस्वीर में दिख रहे चार में से तीन आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे। बाएं से दाएं सुलेमान शाह (फैसल जट्ट), अबू हमजा (अफगान) और यासिर (जिबरान)। चौथे की पहचान स्पष्ट नहीं है।
पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकी पाकिस्तानी ही थे। सिक्योरिटी फोर्सेज ने 28 जुलाई को उन्हें एनकाउंटर में ढेर कर दिया। मारे गए तीन में से दो के पास पाकिस्तानी वोटर कार्ड और पाकिस्तान में बने चॉकलेट्स मिले हैं।
ये भी पता चला है कि दोनों लश्कर ए तैयबा के टॉप कमांडर थे। एक सैटेलाइट फोन के मेमोरी से डाटा भी रिकवर हुआ है। दरअसल, पहलगाम हमले के बाद आतंकियों के स्केच जारी किए गए थे। आशंका जताई जा रही थी कि ये आतंकी लोकल कश्मीरी हो सकते हैं। हालांकि जांच में साफ हो गया है कि वे सरहद पार से ही आए थे।
आंतकियों के पास से मिले चॉकलेट्स पाकिस्तान में बने
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकियों के पास से सैटेलाइट फोन बरामद हुआ है। उस फोन की मेमोरी कार्ड में पाकिस्तान की सरकारी एजेंसी NADRA का डाटा मिला। इससे उनकी पाकिस्तानी नागरिक होने की पुष्टि हुई। एक आतंकी कसूर जिले का रहने वाला था, जबकि दूसरा Pok का। उनके पास जो चॉकलेट्स मिले हैं, वो भी पाकिस्तान के ही किसी फैक्ट्री में बने थे।
मई 2022 में ही LOC पार गए थे आतंकी
जांच में ये भी पता चला कि ये आतंकी मई 2022 में लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) पार करके भारत आए थे। यहां दो स्थानीय लोगों ने उनकी मदद की थी। पहलगाम में लोगों को मारने के लिए जिन रायफल्स का यूज हुआ, वो भी आतंकियों के पास से बरामद हुए हैं।
मारे गए तीनों आतंकी सुलेमान शाह, अबु हमजा और यासिर (जिबरान) लश्कर ए तैयबा के टॉप कमांडर्स थे। शुरुआत में कहा जा रहा था कि वे कश्मीर बेस्ड आतंकी हो सकते हैं, हालांकि ऐसा कुछ नहीं है।
ऑपरेशन महादेव के तहत निपटाए गए पहलगाम के गुनहगार
28 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले के दारा इलाके में सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। लिडवास क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की खबर के बाद सेना ने 'ऑपरेशन महादेव' के तहत सर्च अभियान चलाया। जैसे ही सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरा, आतंकियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई। कुछ ही देर में पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकी ढेर हो गए।
लोगों से धर्म पूछकर गोलियां मारीं
इन आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बैसरन घाटी में हमला कर दिया था। आतंकियों ने टूरिस्ट्स से धर्म पूछकर गोलियां मारी थीं। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई। हमले की जिम्मेदारी लश्कर ए तैयबा के ही एक ग्रुप TRF ने ली थी।
इसके जवाब में 7 मई को भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाक अधिकृत कश्मीर (POK) और पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया। इस हमले में जैश ए मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य और साथी मारे गए। 100 से ज्यादा आतंकी ढेर हुए।
जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत पर हमला किया, लेकिन उन्हें नाकाम कर दिया गया। इसके बाद भारत ने 9 मई को पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इससे पाकिस्तान के सैन्य संसाधनों को बहुत नुकसान हुआ। 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया।
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