पहलगाम टेरर अटैक: आतंकियों ने हमले के लिए जानबूझकर बैसरन घाटी चुनी; यह इलाका सुनसान, सिक्योरिटी पोस्ट से दूर..टूरिस्ट ज्यादा आते हैं
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बैसरन घाटी को भारत का मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है।
नेशनल डेस्क: पहलगाम हमले से जुड़ी जांच में नई बात सामने आई है। आतंकियों ने हमला करने के लिए जानबूझकर बैसरन घाटी को चुना था। इसकी 2 वजहें थीं। एक तो यह जगह काफी सुनसान और खाली है। दूसरी यहां से सिक्योरिटी और पुलिस पोस्ट ठीक-ठाक दूर है।
बता दें, 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने 26 टूरिस्ट्स को मार दिया। लोग वहां छुट्टियां मनाने आए थे। इसके रिएक्शन में मई में भारत ने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया।
आतंकी जानते थे यहां काफी पर्यटक आते हैं
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की तरफ से कहा गया है कि आतंकियों ने पूरी प्लानिंग के तहत बैसरन घाटी को ही हमले के लिए चुना था। उन्हें पता था कि यहां काफी संख्या में पर्यटक आते हैं। आतंकियों को यह भी पता था कि बैसरन घाटी से सिक्योरिटी पोस्ट दूर है। सुरक्षाबलों को वहां तक पहुंचने में टाइम लगेगा। पहलगाम हमले के बाद हुआ भी ऐसा ही था।
आतंकियों से बरामद डिजिटल इक्विपमेंट्स की जांच जारी
NIA फिलहाल आतंकियों के पास से बरामद डिजिटल इक्विपमेंट्स की जांच कर रही है, ताकि कुछ और जानकारियां निकाली जा सकें। पिछले महीने गृहमंत्री अमित शाह ने पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के मारे जाने का ऐलान किया था। सेना ने 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव के तहत हमले में शामिल 3 आतंकी सुलेमान, अफगान और जिबरान को ढेर कर दिया था।
लोगों से धर्म पूछकर गोलियां मारीं
इन आतंकियों ने टूरिस्ट्स से धर्म पूछकर गोलियां मारी थीं। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई। हमले की जिम्मेदारी लश्कर ए तैयबा के ही एक ग्रुप TRF ने ली थी।
इसके जवाब में 7 मई को भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाक के कब्जे वाले कश्मीर (POK) और पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया। इस हमले में जैश ए मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य और साथी मारे गए। 100 से ज्यादा आतंकी ढेर हुए।
जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत पर हमला किया, लेकिन उन्हें नाकाम कर दिया गया। इसके बाद भारत ने 9 मई को पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इससे पाकिस्तान के सैन्य संसाधनों को बहुत नुकसान हुआ। 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया।

