उपराष्ट्रपति चुनाव-2128: DMK सांसद तिरुचि शिवा हो सकते हैं विपक्ष के कैंडिडेट; INDIA ब्लॉक की बैठक आज
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तिरुचि शिवा 1996 में पहली बार DMK के समर्थन से राज्यसभा सांसद बने थे। फाइल फोटो।
9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। इससे पहले सोमवार (18 अगस्त) को विपक्ष ने बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर चर्चा होगी। खबर है कि DMK के राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा विपक्ष की तरफ से वाइस प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट हो सकते हैं।
इससे पहले रविवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (NDA) के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर सीपी राधाकृष्णन के नाम का ऐलान किया था। वर्तमान में राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। जगदीप धनखड़ ने जुलाई में स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अचानक उप राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था।
खड़गे ने दी विपक्ष की बैठक की जानकारी
हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आज (सोमवार) शाम को विपक्ष के कई नेता उपराष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार को लेकर चर्चा कर सकते हैं। वहीं, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि INDIA ब्लॉक के नेता उपराष्ट्रपति के चुनाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं। जल्द ही विपक्ष के नेताओं की मीटिंग होगी, जिसके बाद सभी की सहमति से उम्मीदवार की घोषणा कर दी जाएगी।

DMK तमिलनाडु से ही कैंडिडेट चाहती है
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, INDIA ब्लॉक में शामिल DMK चाहती है कि विपक्ष की तरफ से भी उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार तमिलनाडु से ही होना चाहिए। ऐसा करके वो NDA कैंडिडेट को काउंटर करना चाहते हैं। DMK का कहना है कि राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें सपोर्ट करेंगे। वो एक प्रो-बीजेपी पॉलिटिशियन रहे हैं। वो बीजेपी के आदमी हैं, उन्हें समर्थन का कोई सवाल ही नहीं उठता।
विपक्ष इसी वजह से तमिलनाडु वाले फैक्टर को ध्यान में रखकर तिरुचि शिवा को उम्मीदवार बना सकता है।
'RSS से लगाव को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता'
विपक्षी नेताओं ने सीपी राधाकृष्णन को NDA का उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा- राधाकृष्णन का बैकग्राउंड RSS से जुड़ा रहा है। वे इस पर प्राउड करते हैं। RSS से राधाकृष्णन के लगाव और जुड़ाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उम्मीदवार का फैसला RSS ने लिया- सपा
समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी राधाकृष्णन की उम्मीदवारी पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा- उप राष्ट्रपति के उम्मीदवार का निर्णय NDA ने नहीं बल्कि RSS ने लिया है। NDA के घटक दलों को समझना चाहिए कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार में उनका क्या महत्व है।
राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति बने तो खुशी होगी- संजय राउत
शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत में राधाकृष्णन को बैलेंस पर्सनालिटी बताते हुए कहा कि अगर महाराष्ट्र के राज्यपाल ही उपराष्ट्रपति बनते हैं तो खुशी होगी। लेकिन आगे क्या होगा इस बारे में निर्णय INDIA गठबंधन मिलकर लेगा।
उम्मीद है कि उप राष्ट्रपति चुनाव आम सहमति से होगा- जेपी नड्डा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को कहा- NDA ने सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया है। NDA के घटक दल के नेताओं से विचार-विमर्श करने के बाद यह फैसला लिया गया है। नड्डा ने आगे कहा- विपक्षी नेताओं के उम्मीदवार को समर्थन देने का निर्णय इस पर निर्भर करेगा कि किसे उम्मीदवार बनाया गया है। हमें उम्मीद है कि उपराष्ट्रपति का चुनाव आम सहमति से होगा।
RSS से जुड़ा हुआ है राधाकृष्णन का बैकग्राउंड
सीपी राधाकृष्णन ने शुरुआत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता रहे हैं। महाराष्ट्र से पहले वे पुडुचेरी और झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ राधाकृष्णन 68 साल के हो चुके हैं। राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं। दो बार सांसद रहे। तमिलनाडु में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

