ऑपरेशन सिंदूर पर बहस जारी: राहुल बोले- मोदी सामने आकर ट्रम्प को झूठा साबित करें; प्रियंका ने कहा- सुरक्षा में चूक कैसे हुई..पहले ये बताएं
Published:
4 min read

लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने ट्रम्प का नाम लेकर PM मोदी पर निशाना साधा। क्रेडिट-संसद टीवी।
ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में लगातार दूसरे दिन बहस जारी है। राहुल गांधी ने लोकसभा में शाम लगभग 5.30 बजे डिबेट शुरू की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान के सामने पहले दिन ही सरेंडर कर दिया। सरकार के अंदर पॉलिटिकल विल की कमी थी। उन्होंने ट्रम्प की बार-बार जंग रुकवाने वाली बात पर PM मोदी पर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी के अंदर दम है तो वे सामने आकर कहें कि ट्रम्प झूठ बोल रहे हैं।
इससे पहले आज दोपहर 12 बजे गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बोलना शुरू किया। इस दौरान वे विपक्ष पर काफी आक्रामक दिखे। इसके बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सरकार से कई सवाल किए।
प्रियंका ने सवाल किया कि पहलगाम हमला आखिर हुआ कैसे। ऑपरेशन तो दूर की बात है। सरकार सबसे पहले ये बताए कि आम नागरिकों की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई कैसे। अखिलेश यादव ने पूछा कि सरकार ने सीजफायर का ऐलान खुद क्यों नहीं किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प बीच में क्यों आए।
राहुल बोले- राजनाथ सिंह ने जाने-अनजाने खुलासा कर दिया
राहुल ने कहा कि कल (सोमवार) रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधन के दौरान कुछ ऐसी बात कह दी, जिस पर मुझे बात करनी जरूरी है। शायद उन्होंने जाने-अनजाने में कुछ खुलासा कर दिया।
राहुल ने कहा, ‘राजनाथ सिंह ने कहा कि इंडियन DGMO ने पाकिस्तानी DGMO से कह दिया था कि हमने आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया है, लेकिन हम इसके बाद जंग नहीं चाहते। भारत के रक्षामंत्री ने ऐसी बात कैसे कह दी। आप ये कैसे कह सकते हैं कि जंग नहीं चाहते। यानी आपने पहले ही सरेंडर कर दिया। आपके अंदर पॉलिटिकल विल की कमी थी। क्या कोई ऐसा कहता है कि हमने एक थप्पड़ मार दिया, अब दूसरा नहीं मारेंगे।’
मोदी सामने आएं और ट्रम्प को झूठा करार दें
राहुल ने आगे कहा, ‘अगर प्रधानमंत्री मोदी के अंदर दम है तो वे सामने आएं और कहें कि ट्रम्प झूठ बोल रहे हैं। वे बताएं कि ट्रम्प ने जितनी बार सीजफायर की बात की, सब बकवास हैं। अगर उनके अंदर इंदिरा गांधी जैसी 25 फीसदी भी इच्छाशक्ति है तो वे ट्रम्प को झूठा करार दे दें।’
घटनास्थल पर सुरक्षाकर्मी मौजूद क्यों नहीं थे
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘आज इस सदन में बैठे ज्यादातर लोगों के पास सिक्योरिटी है। लेकिन, उस दिन पहलगाम में 26 लोगों को परिवार के सामने मार दिया गया। वहां एक भी सुरक्षाकर्मी क्यों मौजूद नहीं था। क्या नागरिकों की सुरक्षा प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है।
आप चाहे कितने भी ऑपरेशन चला लें, सच्चाई से नहीं छिप सकते। कल रक्षा मंत्री एक घंटे तक बोले। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद और देश की रक्षा की बात कर ली, साथ ही इतिहास भी पढ़ा दिया। लेकिन एक बात छूट गई, यह हमला कैसे हुआ?
प्रियंका ने आगे कहा, 'यह सरकार हमेशा सवालों से बचने की कोशिश करती है। इनमें देश के नागरिकों के प्रति कोई जवाबदेही का भाव नहीं है। सच तो यह है कि इनके दिल में जनता के लिए कोई जगह नहीं है। इनके लिए सब कुछ राजनीति और प्रचार है। आतंकवादियों ने मेरे पिता को मार डाला था। मैं पहलगाम हमले में मारे गए उन 26 लोगों के बारे में बात करती हूं, क्योंकि मैं उनका दर्द समझती हूं।
बहस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, ‘सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी कौन लेगा। ये सरकार दावा करती थी कि जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने से बाद कोई आतंकवादी घटना नहीं होगी।'
अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, ‘आखिर ऐसी क्या वजह थी कि सरकार को युद्ध विराम की घोषणा करनी पड़ी? हमें तो उम्मीद थी कि सरकार खुद ही इसकी घोषणा कर देगी। चूंकि उनकी गहरी दोस्ती है, इसलिए सरकार ने अपने दोस्त (डोनाल्ड ट्रम्प) से ही सीजफायर का ऐलान करवा दिया।’
खरगे बोले- पहलगाम हमले के बाद PM चुनाव प्रचार में चले गए
दूसरी तरफ राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘हम पहलगाम हमले के बाद ऑल पार्टी मीटिंग में शामिल हुए। जबकि उसी वक्त PM मोदी बिहार में चुनाव प्रचार के लिए चले गए। क्या यही आपकी देशभक्ति है। उन्हें आज सदन में रहकर हमारी बात सुननी चाहिए थी। अगर उनमें सुनने की क्षमता नहीं है, तो फिर वे पद पर रहने के लायक नहीं हैं।’
ऑपरेशन सिंदूर पर अमित शाह का संबोधन पढ़ने के लिए यह लिंक खोलें..

