मैंने एयर चीफ मार्शल से झूठ बोला था: जब मिशन रोकने के डर से एयर मार्शल ने छिपाई सच्चाई, ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा है किस्सा; अब पॉडकास्ट में खुला राज
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नागेश कपूर हाल ही में बतौर एयर स्टाफ के वाइस चीफ पद से रिटायर हुए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के वक्त वह साउथ वेस्ट एयर कमांड के तत्कालीन कमांडिंग-इन-चीफ थे।
नेशनल डेस्क। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को निशाना बनाया था। 10 मई 2025 की एक ऐसी ही कार्रवाई अब सामने आई है, जिसमें पाकिस्तान के भोलारी एयरबेस पर मौजूद एक बेहद अहम टारगेट को निशाना बनाया गया। इस मिशन को लेकर साउथ वेस्ट एयर कमांड के तत्कालीन कमांडिंग-इन-चीफ नागेश कपूर ने एक दिलचस्प खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि मिशन को लेकर एक वक्त ऐसा आया, जब उन्होंने वायुसेना प्रमुख एपी सिंह से सच्चाई छिपाई थी। वजह थी- वह अपने पायलटों को मिशन से वापस नहीं बुलाना चाहते थे।
भोलारी एयरबेस में क्या था?
पाकिस्तान का भोलारी एयरबेस गुजरात के गांधीनगर से करीब 520 किलोमीटर दूर है। यहां एक ऐसे हैंगर की पहचान की गई थी, जिसमें पाकिस्तान एयरफोर्स का स्वीडन में बना SAAB Erieye एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) विमान मौजूद था।
यह विमान पाकिस्तान के लिए काफी अहम था। इसका काम हवा में मौजूद दुश्मन के विमानों और दूसरी गतिविधियों पर नजर रखना और अपनी वायुसेना को जानकारी देना था। 10 मई की सुबह इस हैंगर को निशाना बनाने के लिए IAF ने प्लान बनाया था।
पायलट कॉकपिट में बैठे थे, तभी आया एयर चीफ का फोन
मिशन के लिए सुखोई-30 MKI तैयार किए गए थे। इन विमानों पर हवा से जमीन पर हमला करने वाली एयर-लॉन्च्ड ब्रह्मोस मिसाइलें लगी थीं।
पायलट कॉकपिट में बैठ चुके थे। हथियार लोड थे, विमान में ईंधन भरा जा चुका था और सभी जरूरी जांच पूरी हो चुकी थीं।
इसी दौरान एयर मार्शल नागेश कपूर के पास एयर चीफ का फोन आया। सवाल था कि मिशन के लिए तैयार फाइटर जेट अभी कहां हैं और कब तक उड़ान भरेंगे?
कपूर ने बताया कि उन्हें पता था कि सुखोई अभी अगले करीब 15 मिनट तक उड़ान नहीं भरने वाले हैं। इसके बावजूद उन्होंने एयर चीफ से कहा कि फाइटर जेट उड़ चुके हैं।
उन्होंने NDTV के #CtrlAltDefence पॉडकास्ट में बताया कि वास्तव में यह झूठ नहीं था, बस मैंने कुछ देर के लिए सच्चाई छिपाई थी।

दोबार फोन आया, तो फिर झूठ बोला
पॉडकास्ट में एयर मार्शल कपूर बताते हैं कि फाइटर जेट जब उड़ान भर चुके थे, तब एयर चीफ ने दोबारा पूछा कि विमान अब कहां हैं, तो उन्होंने कहा कि वे हथियार दागने की जगह से करीब आधे घंटे दूर हैं।
कपूर ने बताया कि उन्हें पता था कि विमान अभी उस स्थिति में नहीं पहुंचे थे। लेकिन वह चाहते थे कि पायलटों को मिशन पूरा करने का मौका मिले।
उनके मुताबिक, इन पायलटों ने इस तरह के मिशन के लिए अपने करियर में सालों तक ट्रेनिंग की थी। उनके विमान तैयार थे और हथियार लगे हुए थे। ऐसे में उन्हें वापस बुलाना उन्हें सही नहीं लगा।
एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया कि मैंने उन्हें जाने दिया, क्योंकि उन्हें रोकना अपराध जैसा होता।
सुखोई ने भरी उड़ान, ब्रह्मोस ने बनाया निशाना
एयर चीफ और एयर मार्शल के बीच चल रही इस बातचीत के बीच सुखोई-30 MKI तय इलाके की तरफ बढ़ रहे थे। कॉकपिट में लगे रडार वार्निंग सिस्टम दुश्मन के रडार की मौजूदगी का संकेत दे रहे थे।
फिर वह वक्त आया जब ब्रह्मोस मिसाइलें लॉन्च की गईं और कुछ ही देर में भोलारी के हैंगर को तबाह कर दिया गया। मिसाइल लॉन्च होने के ठीक बाद ही एयर मार्शल कपूर ने एयर चीफ को बताया कि सभी विमान मिशन पूरा कर अब वापस लौट रहे हैं।

एयर चीफ भी जानते थे कि एयर मार्शल ने सच्चाई छिपाई
मिशन के कुछ दिन बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयर मार्शल कपूर और एयर चीफ एपी सिंह के साथ लंच किया। इसी दौरान कपूर ने एयर चीफ को 10 मई के दिन की पूरी सच्चाई बताई। उन्होंने कहा- सर, उस दिन मैंने आपसे झूठ बोला था।
एयर मार्शल नागेश कपूर ने यह भी बताया कि जब उन्होंने एयर चीफ एपी सिंह को यह बताया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया- हां मुझे पता है।
यानी एयर चीफ को उसी वक्त अंदाजा हो गया था कि एयर मार्शल हर हाल में मिशन पूरा करना चाहते हैं।
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