कैसे हुई ऑपरेशन महादेव की प्लानिंग: आतंकी मैसेज के लिए चाइनीज रेडियो का कर रहे थे इस्तेमाल, इसलिए रडार में आए
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सुरक्षाबलों ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन महादेव के तहत 3 आतंकियों को ढेर कर दिया। इन आतंकवादियों में पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा भी एनकाउंटर में मारा गया। ऑपरेशन महादेव की प्लानिंग सुरक्षाबलों ने कई दिन पहले शुरु की थी। इस ऑपरेशन में चीनी रेडियो के सिग्नल ने अहम भूमिका निभाई।
मारे गए आतंकी कौन हैं
हाशिम मूसा (अबू सुलेमान)- अबु सुलेमान शाह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का आतंकी और पाकिस्तान आर्मी का पूर्व कमांडर है। वह पाकिस्तान सर्विस ग्रुप (SSG) में भी रह चुका है। पहलगाम और सोनमर्ग हमले का मास्टरमाइंड है।
यासिर और हामजा- मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि पहलगाम हमले में शामिल यासिर और हामजा भी मारे गए हैं, लेकिन आर्मी ने इनके नाम की पुष्टि नहीं की है।
कैसे हुई ऑपरेशन महादेव की प्लानिंग
ऑपरेशन महादेव का नाम श्रीनगर की महादेव हिल्स के नाम पर रखा गया है। आतंकी महादेव हिल्स चोटी के नीचे घने जंगलों में छिपे थे। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षाबल आतंकियों पर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से नजर रख रहे थे। लश्कर-ए-तैयबा इनक्रिप्टेड मैसेज भेजने के लिए चाइनीज रेडियो का इस्तेमाल करता है। आर्मी को जुलाई में कुछ संदिग्ध कम्युनिकेशन मिला था।
फोर्स का इस एरिया में चाइनीज अल्ट्रा रेडियो कम्युनिकेशन के एक्टिव होने की जानकारी मिली। इसके बाद यह ऑपरेशन चलाया गया। फोर्स ने दाचीगाम के जंगल पर फोकस किया। यही पर आतंकियों के छिपे होने का संकेत मिला था। महादेव चोटी काफी ऊंचाई पर है, जहां जंगल में आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती है।
चीनी डिवाइस का रोल- दाचीगाम में पिछले दो हफ्ते से सुरक्षाबल की कई टीमें 24 RR, 4 पैरा, जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) और CRPF आतंकियों की तलाश कर रही थीं। 26 जुलाई को एक चीनी कम्युनिकेशन डिवाइस फिर से एक्टिव हुई, जिसके बाद सुबह 11.30 बजे लिडवास और दाचीगाम जंगलों में ऑपरेशन तेज हुआ। क्योंकि यही डिवाइस 26 अप्रैल को पहलगाम हमले से पहले 11 अप्रैल को बाइसरन वैली में एक्टिव हुई थी। इसने सुरक्षाबलों को संकेत दिए।
एनकाउंटर- 2 दिन पहले कार्डन बिछाया गया था। 28 जुलाई को 4 पैरा की टीम ने जंगल में एक टेंट देखा। वहां आतंकी सो रहे थे। सेना ने हमला किया। 6 घंटे चले एनकाउंटर में तीनों आतंकी ढेर हो गए।
आतंकियों के पास कौन से हथियार मिले?
- AK-47 राइफल- 300 मीटर तक निशाना साधने वाला हथियार।
- M4 कार्बाइन: 500 मीटर रेंज तक हमले करने वाला US हथियार।
- हैंड ग्रेनेड: 15-20 मीटर तक विस्फोट करने वाला।
- IED (घरेलू बम): आतंकी इलाका बदलने से पहले IED प्लांट करते थे।
- सैटेलाइट फोन: पुराना फोन मिला है लेकिन चीनी डिवाइस की पुष्टि नहीं हुई है।


