क्या आप चाहते हैं कश्मीरियों को जेल में डाला जाए: वंदे मातरम् पर कांग्रेस की सलाह पर भड़के उमर अब्दुल्ला
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नेशनल डेस्क. जम्मू-कश्मीर में वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस की ओर से दी गई सलाह पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस चाहती है कि वंदे मातरम् के मुद्दे पर कश्मीरियों को जेल भेजा जाए?
'पूरे देश में लागू है कानून'
कांग्रेस की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अब राष्ट्रगीत को लेकर कानून बनाया जा चुका है और वंदे मातरम् के सभी अंतरों को गाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यह नियम सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश में सभी सरकारी कार्यक्रमों पर लागू होता है। इसका पालन नहीं करने पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने पूछा- क्या कांग्रेस चाहती है कि इस मुद्दे पर कश्मीरियों को जेल में डाल दिया जाए?
'पार्टी ने कभी वंदे मातरम् नहीं अपनाया'
उमर अब्दुल्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बतौर राजनीतिक दल वंदे मातरम् को कभी औपचारिक रूप से नहीं अपनाया है और भविष्य में भी ऐसा करने का इरादा नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार को कानून और कानूनी दायित्वों का पालन करना होगा। CM ने कहा कि फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह में भी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का आयोजन किया जाएगा।
क्या है मामला
दरअसल, यह मामला सोमवार (7 सितंबर) को श्रीनगर में हुए जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में वंदे मातरम् का पूरा वर्जन गाया गया। इसका वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई।
कांग्रेस ने कहा- सिर्फ दो अंतरे ही गाए जाएं
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर वीडियो शेयर करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस से कांग्रेस के फैसले के साथ खड़े होने को कहा।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के पूरे वर्जन को गाना भारत के उस मेल-जोल और सभी धर्मों को साथ लेकर चलने वाली सोच से मेल नहीं खाता, जिसे आजादी की लड़ाई के नेताओं ने आगे बढ़ाया था।
वेणुगोपाल ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आजाद, सरोजिनी नायडू समेत कई नेताओं के विचारों का हवाला दिया। उन्होंने सहयोगी दलों से अपील की कि वे वंदे मातरम् के उसी वर्जन को गाएं, जिसे कांग्रेस ने स्वीकार किया है।

