ओडिशा में छात्रा ने लगाई आग: प्रोफेसर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के लगाए आरोप, कार्रवाई न होने पर कॉलेज में ही की सुसाइड की कोशिश
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छात्रा ने खुद को कॉलेज कैम्पस आग लगाकर सुसाइड की कोशिश की। घटना का CCTV ।
ओडिशा के बालासोर जिले में एक छात्रा ने आग लगाकर सुसाइड करने की कोशिश की। उसने कॉलेज प्रोफेसर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाए थे। छात्रा ने कॉलेज प्रबंधन और पुलिस से प्रोफेसर की शिकायत की थी। कोई कार्रवाई नहीं होने पर उसने कॉलेज के अंदर ही खुद को आग लगा ली। छात्रा को बचाने के दौरान एक और छात्र झुलस गया। अब दोनों भुवनेश्वर एम्स में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। पुलिस ने इस केस में प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया है।
पीड़िता के परिवार का कहना है कि कई महीनों से उसके साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट हो रहा था। उसने इसके खिलाफ कॉलेज प्रशासन से शिकायत भी की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से वह मानसिक रूप से परेशान थी।
1 जुलाई को पत्र लिखकर की थी शिकायत
22 साल की छात्रा बालासोर के फकीर मोहन ऑटोनॉमस कॉलेज में B.Ed की पढ़ाई करती है। 1 जुलाई को कॉलेज की इंटरनल कमेटी में छात्रा ने डिपार्टमेंट के हेड प्रोफेसर समीर कुमार साहू के खिलाफ शिकायत की थी। उसने प्रोफेसर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट करने और करियर बर्बाद करने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। पीड़िता ने पत्र की एक कॉपी सोशल मीडिया पर भी शेयर की थी। जिसमें उसने सीएम मोहन मांझी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई अधिकारियों को टैग किया था।
प्रोफेसर पर कॉलेज और पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
शिकायत के बाद कॉलेज की तरफ से उसे बताया गया कि 7 दिन के अंदर कार्रवाई हो जाएगी लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 12वें दिन उसने कॉलेज कैम्पस में प्रदर्शन के दौरान खुद को आग लगा ली। अस्पताल में वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर है। डॉक्टर्स के मुताबिक उसका 95 प्रतिशत शरीर जल चुका है। उसको बचाने वाला छात्र भी 70 प्रतिशत जल चुका है।
सरकार ने प्रोफेसर और प्रिंसिपल को किया सस्पेंड
इस घटना के बाद बालासोर पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर साहू को गिरफ्तार कर लिया है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रोफेसर समीर कुमार साहू और कॉलेज प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है। उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि जिम्मेदारों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
बालासोर एसपी राज प्रसाद ने बताया कि प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम सबूत जुटा रही हैं। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। कॉलेज प्रिंसिपल ने पुलिस को बताया कि घटना के पहले छात्रा ने उनसे ऑफिस में मिली थी। छात्रा ने कहा था वह मेंटली प्रेशर झेल रही है। उसने मुझे प्रोफेसर साहू को ऑफिस में बुलाने के लिए कहा था मैंने साहू को ऑफिस में बुलाया भी था।
पीड़िता के परिवार ने लगाए आरोप
पीड़िता के परिवार का कहना है, 'कॉलेज प्रबंधन ने उनकी बेटी की शिकायत को दबा दिया। कॉलेज की इंटरनल कमेटी और प्रिंसिपल ने शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया था। उन्होंने कहा था 'अगर शिकायत वापस नहीं ली गई तो उनके खिलाफ भी FIR दर्ज कराई जाएगी। उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा'।

