जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल ऑपरेशन शुरू: पहली फ्लाइट में जमीन देने वाले 170 किसान बैठे; विमान को वाटर कैनन से सलामी मिली
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जेवर के इन किसानों को पहले लखनऊ ले जाया गया। वहां से इंडिगो की फ्लाइट से इन्हें फिर से जेवर लाया गया। इस दौरान जेवर के बीजेपी विधायक धीरेन्द्र सिंह भी इनके साथ सफर करते दिखे।
नेशनल डेस्क। उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल ऑपरेशन शुरू हो गया है। यहां सोमवार (15 जून) को पहली फ्लाइट की लैंडिंग हुई।
लखनऊ से उड़ान भरकर आई इंडिगो की फ्लाइट सुबह 7.55 पर यहां उतरी। इस में वे किसान सफर कर रहे थे, जिन्होंने इस एयरपोर्ट के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन सरकार के सुपुर्द की थी। ऐसे 170 किसान इसमें सवार थे। इनमें 20 महिलाएं भी शामिल थीं।
इंडिगो की फ्लाइट 6E-2278 ने सोमवार सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। जेवर में लैंडिंग के वक्त विमान को वाटर कैनन से सलामी भी दी गई।
अब मंगलवार (16 जून) को अकासा एयर भी नोएडा एयरपोर्ट से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए उड़ानें शुरू करेगी। इसके बाद 17 जून से कार्गो फ्लाइट्स का आना-जाना भी शुरू हो जाएगा।
फ्लाइट में बैठे किसान अबरार खान ने बताया कि इस एयरपोर्ट के शुरू होने का लंबे वक्त से इंतजार कर रहे थे। अब बड़ी खुशी हो रही है कि यहां पहली उड़ान के लिए हमें मौका मिला। यह किसी सपने के सच होने जैसा है।
महिला किसान हीरा राशिद ने बताया कि वह और उनके साथ बाकी किसान भाई पहली बार एरोप्लेन में बैठने को लेकर बेहद उत्साहित थे।
हालांकि एक 65 साल के किसान ने यह भी कहा कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए 30 बीघा जमीन दी थी। उसके बदले सरकार ने उनके परिवार को जो नौकरियां देने का वादा किया था, वह अभी भी उन वादों के पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं।
इलाके को एयरोट्रोपोलिस बनाएंगे: राममोहन नायडू
सिविल एविएशन मिनिस्टर के. राममोहन नायडू भी इस मौके पर एयरपोर्ट पर मौजूद थे। वे यात्रियों से बातचीत करते नजर आए। उन्होंने कहा- हम चाहते हैं कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट महज एक ट्रांजिट हब या परिवहन केंद्र बनकर न रहे, बल्कि एक एयरोट्रोपोलिस के तौर पर डेवलप हो। हम चाहते हैं कि इस इलाके में उद्योग धंधे स्थापित हों और एक मजबूत आर्थिक आधार तैयार हो, जो न केवल देश की जरूरतों को पूरा करे बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी सेवाएं दें।
PPP मॉडल के तहत बना है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बना है। इसका ऑपरेशन यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कर रही है, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी है।

एयरपोर्ट में 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो बड़े-चौड़े विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा यहां इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और एडवांस्ड एयरफील्ड लाइटिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
सुरक्षा के लिहाज से एयरपोर्ट पर AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम समेत मल्टीलेवल सिक्योरिटी अरेजमेंट भी है। CISF के करीब 1030 जवान तैनात किए गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस ने एयरपोर्ट के लिए अलग से पुलिस थाना भी बनाया है।

