Bihar Election 2025: 35 साल पहले नीतीश कुमार ने लड़ा था विधानसभा चुनाव, 9 बार के CM आखिर इलेक्शन क्यों नहीं लड़ते?
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नीतीश नवंबर 2005 से अभी तक लगातार सीएम रहे। सिर्फ 20 मई 2014 से 22 फरवरी 2015 को छोड़कर। इस दौरान उन्होंने जीतन राम मांझी को सीएम बनाया था। (AI Image)
नीतीश कुमार और योगी आदित्यनाथ, देश के दो बड़े राज्यों के मुख्यमंत्री में एक बात कॉमन है। ये दोनों नेता अपने अपने राज्यों के विधान परिषद के सदस्य हैं। इन दोनों नेताओं ने सीएम की शपथ लेने से पहले विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा। नीतीश कुमार ने 40 साल पहले यानी 1985 में आखिरी बार विधानसभा चुनाव लड़ा था।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से 5 बार सांसद रहे। आदित्यनाथ ने 1998 में सिर्फ 26 साल की उम्र में यहां से पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था। वहीं, नीतीश कुमार आखिरी बार 1985 में विधानसभा चुनाव जीते थे। उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव 1977 में लड़ा था। इसमें वे हार गए थे।
6 बार लोकसभा चुनाव जीत चुके नीतीश
नीतीश कुमार ने 1995 में भी विधानसभा चुनाव लड़ा था। तब वे लोकसभा सांसद भी थे। हालांकि, चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधायक पद की शपथ नहीं ली थी और सांसद ही बने रहे थे। नीतीश कुमार 2004 तक लोकसभा चुनाव लड़ते रहे। उन्होंने 6 बार लोकसभा चुनाव जीता। 2004 में वे दो सीटों से चुनाव लड़े थे। नालंदा में उन्हें जीत मिली थी। जबकि बाढ़ सीट से वे चुनाव हार गए थे। 2005 में उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और सीएम बने।

2014-15 के बीच कुछ समय को छोड़कर नवंबर 2005 से नीतीश कुमार लगातार सीएम हैं। नीतीश कुमार ने 2014 लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने जीतन राम मांझी को सीएम बनाया। हालांकि, मांझी की बीजेपी से बढ़ती नजदीकी देखकर उन्होंने सीएम पद से हटा दिया था और 2015 चुनाव से पहले फिर सीएम पद संभाला। इसके बाद 2015 विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और मुख्यमंत्री बने। 2017 में नीतीश कुमार फिर बीजेपी के साथ आ गए।
2006 में विधान परिषद से चुने गए
जब नीतीश कुमार 2000 में पहली बार सीएम बने, तब वे बिहार में दोनों सदनों में किसी के भी सदस्य नहीं थे। हालांकि, उनका ये कार्यकाल सिर्फ 8 दिन का था। नीतीश नवंबर 2005 में फिर सीएम बने। इसके बाद 2006 में वे बिहार विधान परिषद के सदस्य बने।
मुख्यमंत्री बनने के लिए राज्य विधानसभा का सदस्य होना जरूरी है। भारत में बिहार, यूपी, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना ऐसे राज्य हैं जहां विधानसभा के साथ-साथ विधान परिषद भी है। नीतीश कुमार 2006 के बाद 2012, 2018 और 2024 में विधान परिषद के फिर से सदस्य बने।
2015 में नीतीश कुमार ने एक चुनावी रैली में बताया था कि उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने के बजाय विधान परिषद का रास्ता क्यों चुना? नीतीश ने कहा कि वे विधानसभा चुनाव इसलिए नहीं लड़ता, क्योंकि मैं अपना फोकस एक सीट पर नहीं रखना चाहते।

कब-कब मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार?
1- नीतीश 2000 में 3 मार्च से 10 मार्च तक 7 दिन के लिए बिहार के मुख्यमंत्री भी बने।
2- 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एनडीए की सरकार बनी। नीतीश कुमार 2005-2010 तक सीएम रहे।
3- 2010 में भी नीतीश सीएम बने। वे 2014 तक इस पद पर रहे।
4- फरवरी 2015 को उन्होंने फिर सीएम पद की शपथ ली।
5- 2015 में नीतीश के नेतृत्व में महागठबंधन की जीत हुई. नवंबर 2015 में नीतीश ने 5वीं बार सीएम पद की शपथ ली।
6- जुलाई 2017 में महागठबंधन छोड़ा, बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। नीतीश ने जुलाई 2017 में 6वीं बार सीएम पद की शपथ ली।
7- 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में JDU ने एनडीए के साथ ही चुनाव लड़ा और नवंबर 2020 में सातवीं बार सीएम पद की शपथ ली।
8- 2022 में बीजेपी से नाता तोड़ा, महागठबंधन के साथ सरकार बनाई और अगस्त 2022 में 8वीं बार सीएम पद की शपथ ली।
9- 2024 में नीतीश कुमार फिर से बीजेपी के साथ आ गए। उन्होंने 28 जनवरी 2024 को 9वीं बार सीएम पद की शपथ ली।

नीतीश नवंबर 2005 से अभी तक लगातार सीएम रहे। सिर्फ 20 मई 2014 से 22 फरवरी 2015 को छोड़कर। इस दौरान उन्होंने जीतन राम मांझी को सीएम बनाया था।

