'जो मूर्ख बना सकता है, वही सबसे अच्छा नेता': नागपुर में बोले नितिन गडकरी, कहा- राजनीति में दिल से सच बोलना मना है
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि उनके कार्यक्षेत्र यानी राजनीति में दिल से सच बोलना मना है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि उनके कार्यक्षेत्र यानी राजनीति में दिल से सच बोलना मना है। उन्होंने कहा, जो लोगों को सबसे अच्छे से बेवकूफ बना सकता है, वही सबसे अच्छा नेता बन सकता है।
गडकरी नागपुर में अखिल भारतीय महानुभाव परिषद के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ईमानदारी और समर्पण के साथ जीने की अपील की। साथ ही लोगों से शॉर्टकट अपनाने से भी मना किया। गडकरी ने कहा, शॉर्टकट से तुरंत तो अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। लेकिन लंबे समय तक के लिए इससे आपकी विश्वसनीयता कमजोर हो सकती है।
'शॉर्टकट नहीं लेना चाहिए'
केंद्रीय मंत्री ने कहा, किसी भी चीज को हासिल करने का एक शॉर्टकट होता है। शॉर्टकट के जरिए व्यक्ति तेजी से आगे बढ़ता है। अगर आप नियम तोड़कर सड़क पार करना चाहते हैं, तो हो सकता है कि लाल बत्ती हो और आप उसे पार कर जाएं, लेकिन शॉर्टकट का एक मतलब यह भी है कि ये आपको भी छोटा कर देता है।
'सत्य की हमेशा जीत होती है'
उन्होंने कहा, हमें जीने के लिए ईमानदारी, विश्वसनीयता, समर्पण और सच्चाई जैसे मूल्य मिले हैं हैं। लंबे समय तक चलने वाली सफलता सच्चाई से ही मिलती है। जैसा कि भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है- अंत में, सत्य की हमेशा जीत होती है। गडकरी ने इस दौरान मजाकिया लहजे में कहा- उनके कार्यक्षेत्र में सच बोलना मना है।
'चक्रधर स्वामी की शिक्षाएं प्रेरणास्रोत'
नितिन गडकरी ने इस दौरान महानुभाव संप्रदाय के संस्थापक चक्रधर स्वामी की दी हुईं शिक्षाओं की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, चक्रधर स्वामी की शिक्षाओं का सभी लोगों को अपने जीवन में अनुसरण करना चाहिए। ये प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा, चक्रधर स्वामी ने सत्य, अहिंसा, शांति, मानवता और समानता के मूल्यों की शिक्षा दी। सत्य हमारे जीवन का आधार है और हमें इसका पालन करना चाहिए। हमें सकारात्मकता फैलानी चाहिए और किसी को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए।
'सरकार के खिलाफ केस करते रहने चाहिए'
गडकरी अपने बयानों के लिए जाने जाते हैं। वे अक्सर ऐसे बयान देते रहते हैं, जो चर्चाओं का विषय बन जाते हैं। अगस्त में ही उन्होंने कहा था- प्रशासन में अनुशासन बनाए रखने के लिए सरकार के खिलाफ कोर्ट में मामले दायर होते रहने चाहिए। उन्होंने कहा था, समाज में ऐसे लोग होने चाहिए, जो सरकार के खिलाफ अदालत में केस करते रहें। इससे राजनेता अनुशासित बने रहते हैं।

