खराब सड़कों के लिए 150 रुपये क्यों चुकाएं: SC में NHAI की याचिका खारिज; जस्टिस विनोद बोले- ये प्रॉब्लम तो हमने खुद फेस की है
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केरल के एडापल्ली-मन्नुथी खंड NH-544 की सड़कों की हालत खराब हैं। ऐसी सड़कों की त्रिशूर में स्थित पलियेक्करा टोल प्लाजा पर टोल वसूली की जा रही थी।
सुप्रीम कोर्ट ने केरल के एक टोल प्लाजा पर वसूली के मामले में सरकार से पूछा है कि अगर सड़क खराब है तो नागरिक टोल टैक्स क्यों दें। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। NHAI ने केरल हाईकोर्ट के ऑर्डर को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी ।
दरअसल, एडापल्ली-मन्नुथी खंड नेशनल हाईवे 544 की 65 किमी लंबी सड़क बेहद खराब है। इसके बावजूद त्रिशूर के पलियेक्करा टोल प्लाजा पर 150 रुपए टोल वसूला जाता था। इससे परेशान होकर वहां के नागरिकों ने केरल हाईकोर्ट में याचिका लगाकर टोल माफ करने की मांग की थी।
कोई टोल वसूली नहीं की जाएगी
केरल हाईकोर्ट ने 6 अगस्त को मामले में याचिका की सुनवाई की थी। इस दौरान NHAI और निजी कंपनियों को रखरखाव के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आदेश दिया कि 4 हफ्ते तक कोई टोल वसूली नहीं की जाएगी।
NHAI ने कोर्ट के आदेश को SC में चुनौती दी
NHAI ने केरल हाईकोर्ट के आदेश पर कहा कि खराब सड़के सिर्फ एक छोटे से हिस्से में हैं। इसके बाद NHAI ने केरल हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया।
SC कोर्ट ने NHAI को फटकार
चीफ जस्टिस जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने सुनवाई के दौरान NHAI को फटकार लगाई।
जस्टिस गवई ने कहा- अगर किसी व्यक्ति को सड़क के एक कोने से दूसरे कोने जाने में 12 घंटे लगते हैं। जिस सड़क पर एक घंटा लगना चाहिए, वहां 11 घंटे और लग जाते हैं, तो उसे 150 रुपये टोल क्यों देना चाहिए?। उन्होंने आगे कहा- नेशनल हाईवे पर नाले, गड्ढे और बार-बार होने वाली ट्रैफिक की परेशानी आपकी काबिलियत पर सवालिया निशान हैं।
जस्टिस विनोद चंद्रन ने मीडिया रिपोर्ट्स का जिक्र करते हुए कहा- इस रास्ते पर ट्रैफिक की दिक्कत रहती है और इसे हमने खुद महसूस किया है।

