अयोध्या-लिपुलेख के मुद्दे न उठाता तो नेपाल का PM बना रहता: केपी ओली का विक्टिम कार्ड, भारत पर ठीकरा; हिंसा-करप्शन पर चुप्पी
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नेपाल के पूर्व PM केपी ओली ने कहा- अयोध्या और भगवान राम पर अपने रुख की वजह से राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ी।
इंटरनेशनल डेस्क. नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन को लेकर जारी हिंसा के चलते केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने इन सबके पीछे भारत को जिम्मेदार ठहराया। केपी ओली ने दावा किया कि उन्होंने संवेदनशील मुद्दों पर भारत को चुनौती दी, इसलिए उन्हें सत्ता से बाहर होना पड़ा। ओली अभी नेपाली सेना के शिवपुरी बैरक में हैं। उन्होंने अपनी पार्टी के महासचिव को भेजे एक पत्र में भारत विरोधी बयान दिया।
ओली ने कहा कि अगर उन्होंने लिपुलेख पर सवाल न उठाए होते तो वे पद पर बने रहते। लिपुलेख भारत का हिस्सा है, नेपाल इसे अपना बताता रहा है। केपी ओली ने आरोप लगाया कि उन्हें अयोध्या और भगवान राम पर अपने रुख की वजह से राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा, मैंने सत्ता इसलिए गंवा दी, क्योंकि मैंने अयोध्या में राम के जन्म होने का विरोध किया।
हिंसा के बाद देना पड़ा इस्तीफा
नेपाल सरकार ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया था। उनकी सरकार पर पिछले कुछ वक्त से भ्रष्टाचार के आरोप भी लग रहे थे। इन सबके बीच नेपाल के युवा सोमवार को भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। कुछ युवा संसद भवन में घुस गए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने फायरिंग की, इसमें 19 लोगों की मौत हो गई।
प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद हिंसा और भड़क गई। युवाओं ने संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट में आग लगा दी। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति आवास में घुसकर तोड़फोड़ की गई। मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों के घरों पर आगजनी की गई, उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद PM केपी ओली और राष्ट्रपति ने इस्तीफा दे दिया।
लिपुलेख को बताया था नेपाल का हिस्सा, भगवान राम को बताया था नेपाली
केपी ओली की सरकार में लिपुलेख को नेपाल का हिस्सा बताया गया था। इतना ही नहीं उनकी सरकार के दौरान नेपाल का नया नक्शा जारी किया गया था। इसमें भारत के 8 हिस्सों को नेपाल में दिखाया गया था। इस पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
कुछ समय पहले ओली ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि अयोध्या (Ayodhya) नेपाल में है और भारत ने एक नकली अयोध्या को दुनिया के सामने रखकर सांस्कृतिक अतिक्रमण किया है। उन्होंने कहा था कि भगवान राम नेपाली हैं, न कि भारतीय।

