मोदी का मणिपुर दौरा: सभा स्थल के पास ताबूत देखे गए, प्रशासन ने हटवाया; आस-पास ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी
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मणिपुर हिंसा के बाद प्रधानमंत्री की यह पहली मणिपुर यात्रा है।
नेशनल डेस्क: PM मोदी 13 सितंबर को मणिपुर का दौरा करने वाले हैं। उनकी यात्रा से पहले चूराचांदपुर के पीस ग्राउंड के पास प्रतीकात्मक ताबूत देखे गए। यह वही जगह है, जहां प्रधानमंत्री मोदी जनता को संबोधित करेंगे।
दरअसल, 2023 में हुई मणिपुर हिंसा में मारे गए लोगों की याद में 'कुकी-जो समुदाय' ने वॉल ऑफ रिमेम्ब्रेंस के पास ये ताबूत लगाए थे। जुलाई-अगस्त में प्रशासन ने इन्हें हटा दिया था, लेकिन 7 सितंबर को ये ताबूत फिर नजर आए। इसे मोदी के दौरे के पहले विरोध प्रदर्शन की तरह देखा जा रहा।
ताबूतों को पहले ही हटा दिया गया था
अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इन कॉफिन्स यानी ताबूतों को एक महीने पहले ही हटा दिया गया था। लेकिन, अभी कुछ दिन पहले इन्हें फिर से देखा गया है। कुकी-जो समुदाय के लोग इन ताबूतों को हटाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन प्रशासन किसी भी कीमत पर उनकी बात मानने को तैयार नहीं है। फिलहाल, एडमिनिस्ट्रेशन और कुकी-जो ग्रुप के बीच इसे लेकर बातचीत हो रही है।
मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था चौकस
दूसरी तरफ, PM मोदी के दौरे के पहले मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी गई है। सभा स्थल के आस-पास ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है। सड़कों की मरम्मत तेज कर दी गई है। हैलिपेड बनाए जा रहे। मोदी चूराचांदपुर के अलावा इंफाल के कंगला फोर्ट में भी सभा करेंगे। मणिपुर हिंसा के बाद यह प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।
मणिपुर हिंसा-दो समुदायों के बीच झड़प, 250 मौतें
मणिपुर में मई 2023 को मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़क गई थी। मैतेई समुदाय ने अनुसूचित जनजाति का दर्जा मांगा, जिसका कुकी जनजाति ने विरोध किया। इसी विवाद के चलते दोनों समुदायों के बीच झड़पें शुरू हो गईं।
हिंसा में घर, चर्च और मंदिर जला दिए गए। कई परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हिंसा में अब तक 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हुए हैं।

