नारायण गुरु-गांधी संवाद की शताब्दी: PM मोदी बोले- संवाद ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी ऐतिहासिक संवाद के शताब्दी वर्ष का उद्घाटन किया
मंगलवार (24 जून) को राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी ऐतिहासिक संवाद के शताब्दी वर्ष का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा " श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के संवाद ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।
वैकोम सत्याग्रह, गांधी जी और श्री नारायण गुरु की मुलाकात
12 मार्च 1925 को महात्मा गांधी केरल राज्य के वर्कला नगर में स्थित शिवगिरी मठ पहुंचे थे। यहां श्री नारायण गुरु से उनकी मुलाकात हुई। केरल में चल रहे वैकोम सत्याग्रह को लेकर चर्चा हुई। वैकोम सत्याग्रह एक अहिंसक सत्याग्रह आंदोलन था,जिसका उद्देश्य जातिगत भेदभाव और छुआछुत का विरोध करना था। यह आंदोलन खासकर एझावा और अन्य निम्न जातियों को वैकोम महादेव मंदिर के आसपास की सार्वजनिक सड़कों पर चलने और मंदिर में प्रवेश की अनुमति दिलाने के लिए शुरू किया गया था।
ऐतिहासिक संवाद की शताब्दी वर्ष
ऐतिहासिक संवाद की शताब्दी वर्ष समारोह का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी और श्री नारायण गुरु को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा “यह परिसर हमारे देश के इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना को स्मरण करने का साक्षी बन रहा है। यह ऐतिहासिक घटना न केवल हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा देने वाली थी, बल्कि स्वतंत्र भारत के सपने को एक ठोस आधार भी प्रदान करती है। 100 साल पहले श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच हुई यह मुलाकात आज भी प्रेरणादायक है।”
नारायण गुरु प्रकाश स्तंभ की तरह
नारयण गुरु के बारें में प्रधानमंत्री में बात करते हुए कहा-“श्री नारायण गुरु के आदर्श समस्त मानवता के लिए एक अमूल्य धरोहर हैं। जो भी राष्ट्र और समाज की सेवा के संकल्प के साथ कार्य करता है, उसके लिए श्री नारायण गुरु एक मार्गदर्शक प्रकाश स्तंभ की तरह हैं।”

