Gen Z एंटी नेशनल नहीं: मोहन भागवत बोले- जिन्हें आरक्षण का लाभ मिल चुका, उन्हें इसे छोड़ना चाहिए; कुल बजट का 6% हिस्सा शिक्षा पर खर्च हो
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मोहन भागवत ने कहा- जिन लोगों को आरक्षण का लाभ मिल चुका है, उन्हें पिछड़े वर्गों के लिए अपना कुछ हिस्सा छोड़ने पर विचार करना चाहिए। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. दिल्ली में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा- Gen Z की शिकायतें जायज हैं और विरोध-प्रदर्शन भी बातचीत का ही एक जरिया है। मोहन भागवत ने देशभर के 2000 Gen Z के साथ संवाद में ये बात कही।
मोहन भागवत ने कहा- अगर जेन Z विरोध कर रहा है तो वह एंटी नेशनल नहीं है। वे हमारे ही लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं। मुझे नहीं लगता कि Gen Z ऐसी है, नई पीढ़ी Gen Z और Gen Alpha हमारी मौजूदा पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार है, और देशभक्ति व सेवा की ईमानदार अपील उन पर असर करती है।
2 हजार से अधिक छात्रों को संबोधित किया
मोहन भागवत ने देश भर से आए 15 से 19 साल की उम्र के लगभग 2,000 छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान RSS प्रमुख ने बेरोजगारी, आरक्षण, महिलाओं और LGBTQ+ समुदाय पर भी बात की।
जिन्हें आरक्षण का लाभ मिल चुका, उन्हें इसे छोड़ना चाहिए
आरक्षण पर भागवत ने कहा- जब तक समाज में असमानता रहेगी, तब तक आरक्षण जरूरी रहेगा। भागवत ने कहा- जहां कुछ समुदायों को आरक्षण से फायदा हुआ है और वे आगे बढ़े हैं, वहीं कुछ समुदाय अब भी पिछड़े हुए हैं और समान अवसरों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन लोगों को आरक्षण का लाभ मिल चुका है, वे ज्यादा पिछड़े वर्गों के लिए अपना कुछ हिस्सा छोड़ने पर विचार करना चाहिए।
RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले: LGBTQ भी समाज का हिस्सा; उन्हें अलग-थलग नहीं करना चाहिए
एजुकेशन के लिए 6% बजट खर्च हो
भागवत ने कहा- शिक्षा को बिजनेस नहीं बनना चाहिए और हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने फीस स्ट्रक्चर की समीक्षा करने, टीचर ट्रेनिंग को बेहतर बनाने और स्कूल के विकास में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कहा। देश के कुल बजट का 6% हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाए।

