चीन और जापान जाएंगे PM: 6 साल बाद बीजिंग, 2 साल बाद टोक्यो दौरा; ट्रम्प के टैरिफ वॉर के चलते यह दौरा अहम
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नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन में रहेंगे। मोदी आखिरी बार 2019 में चीन गए थे। इसके अगले साल यानी 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारत-चीन के सैनिकों का हिंसक टकराव हुआ और रिश्ते पटरी से उतर गए। अब 6 साल बाद शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट में शिरकत के लिए PM चीन जा रहे हैं। यह समिट तियानजिन शहर में होगी। मोदी बीजिंग भी जाएंगे।
गलवान संघर्ष के बाद यह पहला मौका होगा जब पीएम मोदी चीन पहुंचेंगे। समिट में रूस, ईरान, पाकिस्तान समेत SCO के सभी सदस्य देश शामिल होंगे। चीन से पहले प्रधानमंत्री जापान भी जाएंगे। आखिरी बार उन्होंने 2023 में जापान का दौरा किया था।
दौरे की अहमियत क्यों
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और जापान समेत करीब 100 देशों पर हैवी टैरिफ लगाया है। कुछ देश इसे मान चुके हैं तो कुछ इसका विरोध कर रहे हैं। ट्रम्प के टैरिफ वॉर के मद्देनजर मोदी का चीन और जापान दौरा काफी मायने रखता है।
अमेरिकी इकोनॉमिक एक्सपर्ट जेम्स मिलर ने सोमवार को ABC न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था- प्रेसिडेंट के टैरिफ वॉर का सबसे ज्यादा फायदा रूस उठा सकता है। व्लादिमिर पुतिन चाहेंगे कि वो भारत और चीन को करीब लाकर उनके रिश्ते सुधारें ताकि अमेरिकी प्रेशर टैक्टिक्स का जवाब दिया जा सके। ऐसा हुआ तो ट्रम्प का दांव उल्टा पड़ जाएगा।
मोदी-जिनपिंग की मीटिंग भी संभव
SCO समिट के इतर पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हो सकती है। गलवान के बाद उपजे तनाव को इस मीटिंग के जरिए कम करने की पहल हो सकती है। भारत चीन के सामने सीमा विवाद पर भी अपनी स्थिति साफ कर सकता है।
दरअसल, जून 2020 में लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच एक गंभीर झड़प हुई थी। यह हिंसा 15-16 जून 2020 की रात हुई थी। इस झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल समेत 20 सैनिक शहीद हुए थे।
चीन के भी कई सैनिक मारे गए थे, लेकिन उसने आधिकारिक तौर पर इसे स्वीकार नहीं किया। हालांकि, करीब चार महीने बाद चीन ने चार सैनिकों के मारे जाने की बात कबूली थी। यह 45 साल में दोनों देशों के बीच सबसे हिंसक सैन्य संघर्ष माना जाता है। हिंसा की वजह सीमा पर सड़क निर्माण और गश्त को लेकर तनाव था।
भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे
चीन दौरे के तुरंत पहले प्रधानमंत्री जापान जाएंगे। 30 अगस्त को PM मोदी जापान पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर बात होगी। इससे पहले मोदी मई 2023 में जापान दाैरे पर गए थे। उन्होंने वहां क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था।
जापान को भी साधने की कोशिश
जापान भारत का क्वाड पार्टनर है और अमेरिका का करीबी सहयोगी भी। ऐसे में जापान से अमेरिका के टैरिफ वॉर प्रेशर कम करने के बारे में भी बातचीत हो सकती है। इसके साथ ही ट्रेड, तकनीकी सहयोग और दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध बढ़ाने पर भी बात होगी।

