SCO समिट में मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात: पुतिन से मीटिंग में ट्रेड-एनर्जी पर फोकस; शी जिनपिंग के साथ बैठक नहीं
Published:
5 min read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की।
इंटरनेशनल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों नेता शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन यानी SCO समिट में शामिल होने के लिए बिश्केक पहुंचे हैं। मोदी-पेजेशकियन की यह मुलाकात ऐसे वक्त हुई है, जब मिडिल ईस्ट में टेंशन है और इसका असर भारत की एनर्जी सिक्योरिटी से लेकर होर्मूज के रास्ते होने वाले कारोबार तक पर पड़ा है।
इसके बाद अब सबसे ज्यादा नजर मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मीटिंग पर है। इस मीटिंग में दोनों नेता का ट्रेड और एनर्जी समेत दूसरे बाइलेटरल मुद्दों पर फोकस रहेगा।

पेजेशकियन-मोदी वन टू वन मिले
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सोमवार को SCO समिट और SCO Plus मीटिंग में शामिल होने बिश्केक पहुंचे। इसके बाद उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात हुई। मिडिल ईस्ट क्राइसिस के बीच दोनों नेताओं की यह मुलाकात मौजूदा के बीच अहम मानी जा रही है। मोदी और पेजेशकियन इससे पहले 2024 में रूस के कजान में BRICS समिट के दौरान मिले थे। इसके बाद दोनों नेताओं की फोन पर कई बार बातचीत हुई, लेकिन मौजूदा टेंशन के बाद यह पहली वन टू वन मीटिंग है।

मिडिल ईस्ट और होर्मूज भी अहम मुद्दा
मोदी-पेजेशकियन बातचीत में मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को लेकर चर्चा हुई। भारत लगातार कहता रहा है कि विवादों का समाधान बातचीत और डिप्लोमेसी से होना चाहिए। भारत के लिए ईरान से जुड़ा दूसरा बड़ा मुद्दा एनर्जी और होर्मूज से होने वाली शिपिंग है। इस रास्ते में किसी तरह की रुकावट सेभारत समेत दुनिया के कई देशों की एनर्जी सप्लाई पर असर होता है। इसके अलावा चाबहार पोर्ट, दोनों देशों के बीच ट्रेड और ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी दोनों लीडर्स में चर्चा हुई।

आर्मेनिया के PM पाशिनयान से मिले मोदी
मोदी ने SCO समिट के दौरान आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान से भी मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत और आर्मेनिया के बीच बढ़ते रिश्तों पर चर्चा की। मोदी और पाशिनयान ने ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, कनेक्टिविटी, हेल्थ, एजुकेशन, टेक्नोलॉजी और कल्चर समेत कई सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने पर बात की। दोनों नेताओं ने भारत-आर्मेनिया के पुराने और करीबी संबंधों को आगे मजबूत करने पर भी चर्चा की।

अब मोदी-पुतिन की बैठक पर नजर
पेजेशकियन से मुलाकात के बाद अब मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक पर नजर है। विदेश मंत्रालय पहले ही इस मीटिंग की पुष्टि कर चुका है। दोनों नेता भारत-रूस के पूरे द्विपक्षीय रिश्तों की समीक्षा करेंगे। हाल ही में मॉस्को में इंडिया रशिया इंटर गवर्नमेंटल कमीशन (IRIGC) की मीटिंग हुई थी। इसके कुछ दिन बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्रेमलिन में पुतिन से मुलाकात की थी और उन्हें मोदी की शुभकामनाएं दी थीं। अब मोदी-पुतिन की बातचीत में ट्रेड, एनर्जी, डिफेंस और दोनों देशों के स्ट्रैटेजिक रिश्तों पर चर्चा की उम्मीद है।

रूस-यूक्रेन जंग के बीच भी अहम मीटिंग
मोदी-पुतिन की यह बैठक रूस-यूक्रेन जंग के कारण भी अहम है। फरवरी 2022 से जंग जारी है और भारत ने रूस के साथ अपने रिश्ते बनाए रखने के साथ लगातार बातचीत और डिप्लोमेसी की बात कही है। रूस भारत का बड़ा डिफेंस पार्टनर है और पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच एनर्जी ट्रेड भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में बिश्केक की बैठक सिर्फ SCO तक सीमित नहीं रहेगी। दोनों नेता द्विपक्षीय रिश्तों के साथ मौजूदा इंटरनेशनल हालात पर भी चर्चा कर सकते हैं।
मोदी-शी की अलग बैठक नहीं
SCO समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मौजूद हैं। हालांकि मोदी और शी की अलग से बाइलेटर मीटिंग शेड्यूल नहीं है। दोनों नेता SCO के प्रोग्राम में एक ही मंच पर दिखाई दे सकते हैं और इस दौरान दोनों की थोड़ी बहुत बातचीत हो सकती। भारत और चीन के बीच बॉर्डर इश्यू को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे में मोदी और शी की छोटी सी मुलाकात भी हुई तो उस पर नजर रहेगी।
मोदी-पुतिन-शी-पेजेशकियन एक मंच पर
इस SCO समिट की सबसे खास बात ये होगी कि दुनिया के कई बड़े नेता एक मंच पर नजर आएंगे। भारत के प्रधानमंत्री मोदी, रूस के राष्ट्रपति पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समिट में शामिल हो रहे हैं। SCO में फिलहाल 10 सदस्य देश हैं। भारत इस समिट में सिक्योरिटी, कनेक्टिविटी और अपॉर्च्युनिटी को अपनी प्रायोरिटी के तौर पर रख रहा है। आतंकवाद और रीजनल सिक्योरिटी भी बातचीत के अहम मुद्दों में शामिल हैं।

बिश्केक में मोदी का बिजी शेड्यूल
प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में रहेंगे। SCO समिट के साथ उनका कई देशों के नेताओं से मिलने का प्रोग्राम है। सोमवार को उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और इंडियन कम्युनिटी के लोगों से मुलाकात की। अब पेजेशकियन के साथ बातचीत के बाद पुतिन से होने वाली बैठक सबसे अहम डिप्लोमैटिक इंगेजमेंट में शामिल है। वहीं मोदी और शी के बीच औपचारिक मीटिंग नहीं होने के बावजूद दोनों नेताओं के एक मंच पर आने पर भी नजर रहेगी।

