2029 चुनाव की तैयारी में जुटी BJP: संगठन में बदलाव के बाद कैबिनेट फेरबदल; जानिए कैसी होगी मोदी की नई टीम
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मोदी कैबिनेट में अभी 69 सदस्य हैं, संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार अभी 12 सदस्य और बन सकते हैं। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. BJP में संगठनात्मक बदलाव अब पूरा हो चुका है। BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में 65 लोगों को चुना गया है। पार्टी में बदलाव के बाद अब पूरा फोकस मोदी कैबिनेट पर शिफ्ट हो गया है। BJP अब कई राज्यों में विधानसभा चुनावों और उनके बाद 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रही है।
नितिन नवीन की नई टीम में कई नए चेहरे शामिल किए गए हैं, जो युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने और चुनावों पर फोकस का संकेत है। अब इसी तरह के कुछ बदलाव कैबिनेट में देखने को मिल सकते हैं।
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जानिए कौन से मंत्री पद छोड़ सकते हैं, किन नए चेहरों को मिल सकती है जगह, और 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर BJP की क्या है रणनीति।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी कैबिनेट में अभी 69 सदस्य हैं, संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार अभी 12 सदस्य और बन सकते हैं, अधिकतम 81 सदस्य मंत्री बन सकते हैं।
3 मंत्री दे चुके हैं इस्तीफा
हाल ही में मोदी कैबिनेट में 3 बदलाव हुए हैं। NEET में गड़बड़ी को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री का पद छोड़ दिया। अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने पर इस्तीफा दे दिया है।
3 मंत्रियों को पार्टी में जिम्मेदारी मिली
BJP में एक पार्टी एक पद के सिद्धांत के अनुसार, वह मंत्री भी पद खाली करेंगे, जिन्हें पार्टी में नई जिम्मेदारी दी गई है। इनमें हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली और पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं नितिन नवीन की टीम में मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा, कुछ मंत्री ऐसे भी हैं जिनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने वाला है। इनमें पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सामाजिक न्याय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का मौजूदा कार्यकाल नवंबर में खत्म हो जाएगा।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मंत्रियों को उनके कामकाज के आधार पर भी हटाया जा सकता है। मोदी कैबिनेट में कौन बना रहेगा, कौन जाएगा और कौन आएगा, इसको लेकर उम्र की भी बड़ी भूमिका रहेगी।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी कैबिनेट में युवा और महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
मोदी कैबिनेट में नए संभावित चेहरे
राज्यों की बात करें तो BJP हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक से लोगों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश भी जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य गुजरात भी, जहां अगले साल के आखिर तक चुनाव होने हैं।
महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे की शिवसेना में अब 13 सांसद हो गए हैं। ऐसे में मोदी कैबिनेट में जगह पाने के लिए एकनाथ के बेटे श्रीकांत शिंदे का नाम चर्चा में है।
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में शामिल हुए 7 राज्यसभा सांसदों में से कैबिनेट में जगह मिल सकती है, क्योंकि पंजाब में भी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अभी संदीप पाठक को पार्टी में सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी गई है। पंजाब से शिरोमणि अकाली दल (SAD) की वापसी की भी संभावना है, क्योंकि SAD-BJP गठबंधन फिर से बन सकता है।
पश्चिम बंगाल में TMC के बागी गुट के सांसद भी कैबिनेट में चेहरा हो सकता है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार के गुट ने NDA का समर्थन किया है।
BJP की 2029 पर नजर
BJP संगठन में बदलाव और कैबिनेट और संसदीय बोर्ड को लेकर भी अटकलें चल रही हैं। पार्टी ने 2029 और उसके बाद के लिए नेतृत्व का स्ट्रक्चर भी तैयार करना शुरू कर दिया है।
मतलब साफ है कि कैबिनेट में होने वाले संभावित बदलाव का मकसद सिर्फ खराब परफोर्मेंस करने वाले मंत्रियों को हटाना नहीं, बल्कि सरकार, संगठन और चुनावी रणनीति के बीच तालमेल बिठाना हो सकता है। अगर योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस और कुछ अन्य युवा नेताओं को बीजेपी की संसदीय बोर्ड में शामिल किया जाता है, तो संदेश और भी साफ हो जाएगा।

