मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: लखनऊ में मेट्रो के विस्तार को मंजूरी; 11KM की नई लाइन में 12 स्टेशन होंगे; ओडिशा, पंजाब-आंध्र में सेमीकंडक्टर यूनिट
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कैबिनेट ने 4600 करोड़ रुपये के खर्च के साथ ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने की मंजूरी दे दी है। (फाइल फोटो)
केंद्रीय कैबिनेट की मंगलवार को बैठक हुई। इस बैठक में में मेट्रो के विस्तार को मंजूरी दी गई है। मेट्रो परियोजना के चरण-1बी के तहत 11 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन बनेगी। इसमें 12 स्टेशन होंगे। इसके लिए केंद्र सरकार 5801 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4600 करोड़ रुपये खर्च करके ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने का भी ऐलान किया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के चरण-1बी को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का कॉरिडोर 11.165 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड स्टेशनों को मिलाकर कुल 12 स्टेशन होंगे। चरण-1बी के चालू होने पर लखनऊ शहर में 34 किलोमीटर का मेट्रो रेल नेटवर्क संचालित होगा।
बेहतर कनेक्टिविटी होगी
उन्होंने कहा, इससे लखनऊ शहर के सबसे पुराने और सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन में महत्वपूर्ण सुधार होगा, जहां वर्तमान में कारगर कनेक्टिविटी का अभाव है।
नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी
अश्विनी वैष्णव ने बताया, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4600 करोड़ रुपये के खर्च के साथ ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने की मंजूरी दे दी है। इससे इलेक्ट्रॉनिक सामानों के निर्माण में गति आएगी और रोजगार के मौके भी उपलब्ध होंगे। इन चार नई यूनिट के साथ भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत 6 राज्यों में 10 यूनिट हो जाएंगी। इस परियोजना में कुल 1.60 लाख करोड़ रुपये का निवेश है।
अरुणाचल में जलविद्युत परियोजना को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में तातो-द्वितीय जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 8146.21 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी है। परियोजना पूरी होने की अनुमानित अवधि 72 महीने है। परियोजना नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NEEPCO) और अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच संयुक्त उद्यम वाली कंपनी द्वारा चलाया जाएगा।

