मिजोरम में छुट्टी पर घर आ रहे आर्मी जवान की हत्या: सड़क पर मामूली विवाद में भीड़ ने पीट-पीटकर जान ली; 8 गिरफ्तार
Published:
3 min read

असम रेजिमेंट के जवान जकारिया लालहरियाटलुआंगा जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। वह छुट्टी पर अपने गांव आए थे। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. मिजोरम में छुट्टी पर घर जा रहे आर्मी के जवान की सड़क पर विवाद में पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना 20 सितंबर को कोलासिब में हुई। असम रेजिमेंट के जवान जकारिया लालहरियाटलुआंगा जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। वह लेंगपुई एयरपोर्ट से न्यू बुइलुम में उनके गांव तक अपने दोस्त के ट्रक से जा रहे थे। पुलिस ने दो नाबालिग समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, जवान जकारिया का एक यूथ ग्रुप से छोटा सा विवाद हुआ था। आरोपी कावनपुई से पिकनिक के बाद लौट रहे थे। बुआलपुई और थिंगडॉल के बीच नेशनल हाईवे-306 पर यह हादसा हुआ। इसके बाद बहस मारपीट में बदल गई। पुलिस ने बताया कि जकारिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक चला रहे उनके दोस्त जॉन लालटनपुइया को मामूली चोटें आईं।
गलत साइड पर ट्रक चलाने को लेकर बहस
जकारिया लालहरियात्लुंगा की मां, लालथाजोवी ने बताया कि 20 सितंबर की शाम को अपने गांव आते समय उनका बेटा और उसका दोस्त चाय पीने के लिए बुआलपुई में एक दूसरे दोस्त के घर रुके थे। गांव से निकलने के बाद उन्हें सामने से आता हुआ एक ट्रक मिला, जो सड़क की खराब हालत के कारण सड़क की गलत साइड पर चल रहा था।

चश्मदीदों के मुताबिक, जवान के दोस्त जॉन ने ट्रक ड्राइव से इंतजार करने के लिए कहा। इस दौरान 20 लड़कों का ग्रुप बुआलपुई से पिक अप से आ रहा था। वह थिंगडॉल के पास स्थित एक रिसोर्ट से जीत का जश्न मनाकर वापस लौट रहे थे। आरोप है कि सभी लोग शराब के नशे में थे।
बीच-बचाव में जवान के साथ मारपीट
जब जॉन ट्रक ड्राइवर से बहस कर रहा था, तभी कुछ युवक अपनी गाड़ी से उतरे, उसे उनकी गाड़ी से बाहर खींचा और उनकी पिटाई की। बीच-बचाव में जकारिया लालहरियात्लुंगा पर भी हमला किया गया। उनके दोस्त लालचाविलियाना जब शोर सुनकर मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई।
मां को किया था आखिरी कॉल
जकारिया ने अपनी मां को आखिरी कॉल किया था। उन्होंने मां को बताया था कि वह साढ़े 6 बजे घर पहुंच जाएगा। जवान की मां लालथाजोवी ने बताया, जब वह घर नहीं पहुंचे तो हमने फिर से कॉल किया। उसने बताया कि सड़क खराब होने की वजह से देर हो रही है। इसके बाद उसके दोस्त ने इस घटना के बारे में बताया। हम समझ नहीं पा रहे हैं कि वह देश के रक्षा के लिए घर से दूर रह रहा था, जब वह परिवार के साथ समय बिताने के लिए अपने घर लौट रहा था, वह घर पहुंचने से पहले ही बदमाशों का शिकार हो गया।
पूरे घर की जिम्मेदारी संभाल रहा था जवान
जवान की मां लालथाजोवी ने बताया, जकारिया ने 2017 में असम रेजिमेंट ज्वाइन की थी। वह 5 भाई-बहनों में दूसरे सबसे छोटा लड़का था। वह पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठा रहा था। वहीं जकारिया के बड़े भाई मजदूरी करते हैं। जबकि बड़े भाई और बहन अलग-अलग रह रहे हैं और अपना परिवार संभाल रहे हैं। जकारिया हमारे परिवार में कमाने वाले अकेले व्यक्ति थे। वे ही हमारे सब कुछ थे, क्योंकि हम बूढ़े हो चुके हैं और अब खुद कमा नहीं सकते। उन्होंने घर बनाने के लिए कर्ज़ भी लिया था। उनकी मौत ने हमें बुरी तरह तोड़ दिया है।

