मेडिकल स्टोर में CCTV मेंडेटरी होगा: हेल्थ मिनिस्ट्री का प्रस्ताव; दवा बिक्री की निगरानी पर फोकस
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ड्राफ्ट के अनुसार, मेडिकल स्टोर संचालक की बिना वैलिड प्रिस्क्रिप्शन दवा देने पर निगरानी और जवाबदेही बढ़ सकती है। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल स्टोर पर CCTV अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है। इसके जरिए बिना वैलिड पर्चे के शेड्यूल H, H1 और X मेडिसिन की अवैध बिक्री को रोकना है। साथ ही रिटेल में बिकने वाली इन दवाओं की निगरानी करना शामिल है।
प्रस्ताव के अनुसार, मेडिकल स्टोर पर CCTV लगाना अनिवार्य होगा। दवाओं की बिक्री की रिकॉर्डिंग कम से कम 3 महीने तक सुरक्षित रखनी होगी। जिससे बिना उचित प्रिस्क्रिप्शन दवा देने पर निगरानी और जवाबदेही बढ़ सकती है। मरीजों को दवा खरीदते समय ज्यादा पारदर्शिता और सुरक्षा मिल सकेगी। फिलहाल नियम अभी ड्राफ्ट स्टेज में है, 30 दिन में सुझाव/आपत्तियां मांगी गई हैं।
क्या होते हैं ये ड्रग्स
शेड्यूल H, H1 और X ड्रग्स की स्पेशल कैटेगरी होती है। जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स के तहत आती हैं। जिससे लोगों को इनके दुरुपयोग से बचाया जा सके। इन दवाओं को बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं खरीदा जा सकता है।
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दवाओं पर निगरानी रखना मकसद
यह प्रस्ताव ड्रग्स रूल्स 1945 में संशोधन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य डॉक्टर के पर्चे पर लिखी दवाओं की रेगुलेटरी निगरानी को मजबूत करना है। जिससे मेडिसिन स्टोरेज और उनकी बिक्री को नियंत्रित करने वाली मौजूदा जरुरतों का पालन हो सके। मंत्रालय ने एक बयान में कहा- 8 सितंबर को जारी किए गए गजट नोटिफिकेशन में शेड्यूल H, H1 और X ड्रग्स के रेगुलेटरी निगरानी को मजबूत रखने के लिए बदलावों का प्रस्ताव दिया है।

