मुंबई में मराठा रिजर्वेशन को लेकर फिर आंदोलन: मनोज जारंगे ने शुरु की भूख हड़ताल; समर्थक CSMT स्टेशन में घुसे; CM बोले- 10% आरक्षण फिर अनशन क्यों?
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मुंबई में मराठा आरक्षण को लेकर एक बार फिर आंदोलन शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर सितंबर 2023 में 17 दिनों तक अनशन करने वाले मनोज जारंगे पाटिल ने एक बार फिर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। जारंगे पाटिल आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मैं मर जाउंगा। लेकिन अब पीछे नहीं हटूंगा। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक मैं मुंबई नहीं छोड़ूंगा। शुक्रवार को उनके समर्थक मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस(CSMT) रेलवे स्टेशन में घुस गए।
10% आरक्षण मिल रहा है, फिर अनशन क्यों?
महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फणनवीस ने कहा कि जब 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है फिर अनशन क्यों? वहीं महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार आरक्षण की मांग पर मराठाओं के साथ अन्याय नहीं करेगी। लेकिन दूसरे समुदाय को भी अन्याय का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सेंट्रल रेलवे के डिवीजनल रेलवे मैनेजर ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि CSMT रेल्वे स्टेशन और उसके आसपास भारी भीड़ की वजह से यात्री को सलाह दी जाती है कि वह बेहद जरुरी होने पर ही CSMT के लिए यात्रा करें।
बता दें CSMT रेलवे स्टेशन से लाखों ऑफिस कर्मचारी हर सुबह नरीमन पॉइंट, फोर्ट, कालबादेवी और क्रॉफर्ड मार्केट में स्थित अपने ऑफिस तक पैदल या BEST बसों या टैक्सियों से जाते हैं।

मनोज जारंगे कर रहे हैं अनशन
मनोज जारंगे पाटिल आजाद मैदान में शुक्रवार की सुबह भूख हड़ताल पर बैठे । उन्होंने कहा- सरकार हमारा साथ नहीं दे रही है। इसलिए हम सब मुंबई आए हैं। अनुमति देने का अधिकार सरकार के पास है और हमने अब उनसे अनुमति देने की अपील की है। अगर सरकार अनुमति नही देंगी, कोर्ट अनुमति देगा। बता दें कि जरांगे को सिर्फ सुबह से शाम तक अनशन बैठने की इजाजत दी गई है। हालांकि, उन्हाेंने कहा कि वह अब आजाद मैदान से नहीं उठने वाले हैं।

10% आरक्षण मिल रहा है, फिर अनशन क्यों?
जारंगे की मांग है कि मराठा कम्युनिटी को OBC कैटेगरी का दर्जा दिया जाए। साथ ही वह 10% आरक्षण मिलने से भी राजी नहीं है। महाराष्ट्र सरकार ने फरवरी 2024 में 10% मराठा आरक्षण पर प्रस्ताव विधानसभा में पास किया था। सरकार ने उस समय विधानसभा में यह भरोसा दिलाया था कि मराठा कम्युनिटी को OBC कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। सरकार ने अब तक ऐसा नहीं किया है। इसकी वजह से जरांगे एक बार फिर अनशन पर बैठ गए हैं।

