BJP नेता मेनका गांधी ने पटाखे जलाने वालों को देशद्रोही बताया: बोलीं- दुनिया में ग्रीन पटाखे नाम की चीज नहीं; रामायण में सिर्फ दीये जलाने की बात
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मेनका गांधी ने कहा- या तो पटाखे बैन कर दो, या लोगों से कह दो मर जाओ। पटाखों का वक्त चला गया है।
नेशनल डेस्क. BJP नेता मेनका गांधी ने सोमवार को पटाखे जलाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा- जो लोग पटाखे इस्तेमाल करते हैं वे देशद्रोही हैं। उन्होंने कहा- दिवाली के 3 दिन पहले तक हवा एक दम साफ होती है और दिवाली से लेकर नए साल तक हम सांस नहीं ले पाते हैं। उन्होंने कहा- रामायण के समय पटाखे नहीं थे, उस समय दीयो में तेल था, ये भी नहीं पता।
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा- जो लोग पटाखे इस्तेमाल करते हैं वे 'देशद्रोही' हैं। इसे लेकर मेरे मन में कोई अन्य शब्द नहीं हैं। दिवाली के दिन, दशहरे के दिन, शादियों पर, नए साल पर, क्रिकेट मैच के दौरान या किसी अन्य दिन वे लोग पटाखे जलाते हैं नतीजतन हम सांस नहीं ले पाते हैं। देश में हम अन्य चीजों पर दोष डालते हैं कि कोई खेतों को जला रहा है, गाड़ियों की समस्या है लेकिन ये सब झूठ है। क्योंकि दिवाली के 3 दिन पहले तक हवा एक दम साफ होती है और दिवाली से लेकर नए साल तक हम सांस नहीं ले पाते हैं।
उन्होेंने कहा- सिर्फ दिवाली के दिन यदि 800 करोड़ के पटाखे केवल दिल्ली में उड़ाए जाएं तो उसका नतीजा क्या होगा? हम लोग डिप्रेशन में हैं क्योंकि जब तक बारिश नहीं होती, तब तक यह जहरीली हवा नहीं जाएगी। ग्रीन पटाखे नाम की चीज दुनिया में नहीं है। अजीब बात तो यह है कि जो लोग पटाखों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं, वही लोग सबसे ज्यादा सरकार पर आरोप लगाते हैं।
उन्होंने कहा- राम सीता के समय पटाखे होते थे क्या, जब वह अयोध्या आए तब दीये ही जलाए, वो भी मालूम नहीं, जल भी रहे थे या नहीं, तेल था या नहीं लेकिन पटाखे तो नहीं थे।
सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाए सवाल
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाए हैं। उनकी भी गलत आदत बन गई है। उन्होंने कह दिया ग्रीन पटाखे जलाओ। जो पटाखे जलते हैं, उनमें केमिकल होता है। या तो पटाखे बैन कर दो, या लोगों से कह दो मर जाओ। पटाखों का वक्त चला गया है। अगर आप एक कॉलोनी में 5 लाख सिगरेट फूंकते हैं। आप उससे भी बुरा करते हो, जब आप पटाखे जलाते हो।

