रेजीनगर में TMC उम्मीदवार का यूटर्न: बोले- उपचुनाव लड़ूंगा; ममता से मुलाकात के बाद कहा था- नामांकन वापस ले रहा
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ममता खेमे के रेजीनगर से उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी और नंदीग्राम से उम्मीदवार संचिता प्रधान ने नामांकन वापस ले लिया है।
नेशनल डेस्क. पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। ममता बनर्जी को दोनों सीटों पर झटका लगा है। TMC के रेजीनगर उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने यूटर्न ले लिया। उन्होंने कहा- मैं उपचुनाव लड़ूंगा। हालांकि, इससे पहले उन्होंने ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि वे उपचुनाव से नामांकन वापस ले रहे हैं।
इससे पहले शुक्रवार को नंदीग्राम उम्मीदवार संचिता प्रधान ने CM सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात कर नामांकन वापस ले लिया था। खास बात ये है कि दोनों सीटों पर नामांकन की आखिरी तारीख भी निकल चुकी है।
नंदीग्राम में TMC उम्मीदवार के पर्चा वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। ममता के ऐलान के थोड़ी देर बाद ही 2007 के मर्डर केस में गिरफ्तार कर लिया गया।
बागियों की शिकायत पर एक्शन
चौंकाने वाली बात ये है कि कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी TMC के बागी ऋतब्रत बनर्जी गुट की शिकायत पर हुई। इस गुट ने भी नंदीग्राम में अपना उम्मीदवार उतारा है। नंदीग्राम सीट चर्चा का केंद्र रही है, क्योंकि 2021 विधानसभा चुनाव में यहां से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था। इसके बाद ममता ने भवानीपुर से उपचुनाव लड़ा और जीता। हालांकि, 2026 में सुवेंदु ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों जगहों से चुनाव लड़ा। उन्होंने भवानीपुर में ममता बनर्जी को करीब 15 हजार वोट से हराया। हालांकि, सुवेंदु ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी। ऐसे में यहां उपचुनाव का ऐलान हुआ है। 6 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। जबकि नतीजे 9 अक्टूबर को आएंगे।

राहुल बोले- ये राजनीतिक प्रतिशोध
कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है - लोकतंत्र की हत्या है। BJP का निष्पक्ष चुनाव में भरोसा ही नहीं - इसलिए कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी से सत्ता बचाना चाहती है। वो चुनाव नहीं लड़ना चाहते, चुनावी मुकाबला ही खत्म कर देना चाहते हैं। कांग्रेस न डरेगी, न झुकेगी। हम लड़ेंगे भी, जीतेंगे भी।

ऋतब्रत बनर्जी का राहुल पर पलटवार
उधर, ऋतब्रत बनर्जी ने राहुल गांधी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मिलन के खिलाफ उनके गुट डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस ने शिकायत की थी। ऋतब्रत ने दावा किया कि मिलन के ऊपर मर्डर के तीन केस हैं और पुलिस ने वारंट के आधार पर एक्शन लिया।
बनर्जी ने कहा- हम लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस ने मिलन प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिनके खिलाफ तीन हत्या के मामले लंबित हैं। चुनाव के दौरान वारंट पर कार्रवाई अनिवार्य है। राज्य कांग्रेस नेतृत्व ने शायद राहुल गांधी को सही जानकारी नहीं दी है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मामला TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के हालिया अंतरिम आदेश का है। दरअसल, चुनाव आयोग ने कहा था कि TMC के नाम और उसके सिंबल फूल और घास पर दो गुट दावा कर रहे हैं। ऐसे में दोनों गुटों को फिलहाल नाम और सिंबल का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है।
चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर के उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम दिया। इनका चुनाव चिन्ह 'फुटबॉल प्लेयर' है। वहीं बागी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम दिया गया है। इस पक्ष का चुनाव चिन्ह 'लिफाफा' है। यह दोनों नाम और चुनाव चिन्ह महज अक्टूबर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए हैं।
लोकसभा और विधानसभा में दो खेमों में बंटी TMC
मई में बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी दो खेमों में बंट गई। 20 लोकसभा सांसद NCPI में शामिल हो गए। जबकि 80 में से 58 विधायकों ने अपना अलग गुट बना लिया और असली TMC होने का दावा कर रहे हैं। मामला चुनाव आयोग में है।

