GST रिफॉर्म पर कांग्रेस का रिएक्शन: चिदंबरम ने कहा- 8 साल से यही मांग कर रहे थे, पवन खेड़ा बोले- राहुल गांधी की सलाह माननी ही पड़ी; पढ़ें किसने क्या बोला
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पी चिदंबरम, मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन खेड़ा समेत कई कांग्रेस नेताओं ने GST दरों में सुधार का स्वागत किया है। हालांकि इन नेताओं ने यह भी कहा है कि इसमें बड़ी देर कर दी।
नेशनल डेस्क। GST की नई दरों का कांग्रेस नेताओं ने स्वागत किया है। हालांकि यह भी कहा है कि यह सुधार बड़ी देर से आया। मनमोहन सरकार में वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 8 साल से यह मांग कर रही थी। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बोला कि आखिरकार मोदी सरकार को राहुल गांधी की बात माननी ही पड़ी।
'हम 8 साल से इसके लिए रो रहे थे'
पी चिदंबरम बोले, ‘GST दरों में जो बदलाव हुआ है, उसका स्वागत है लेकिन यह सुधार 8 साल देरी से आया। हम पिछले 8 साल से GST की दरों और उसकी डिजाइन के खिलाफ रो रहे थे लेकिन केन्द्र ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया।’
चिदंबरम ने कहा, ‘यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार ने अब जाकर यह सुधार क्यों किया।’ उन्होंने कुछ कारण भी गिनाए। इनमें अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार, परिवार पर बढ़ता कर्ज, कम होती सेविंग, बिहार में चुनाव और ट्रम्प के टैरिफ की ओर इशारा किया गया।
'बड़ी देर से नींद खुली'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘लगभग एक दशक से कांग्रेस पार्टी GST की दरें कम करने की मांग कर रही थी। मोदी सरकार ने 9 तरह के टैक्स लगा दिए थे। हमने GST के जटिल सिस्टम को भी सरल बनाने की मांग की थी। ये अच्छी बात है कि 8 साल की देरी से ही सही लेकिन GST पर मोदी सरकार की नींद खुली।’
'GST कमिटी की बैठक महज औपचारिकता'
पूर्व केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश ने लिखा, ‘वित्त मंत्री ने कल शाम GST परिषद की बैठक के बाद बड़े ऐलान किए। हालांकि प्रधानमंत्री 15 अगस्त 2025 को ही अपने भाषण में इसकी घोषणा कर चुके थे। मतलब GST पैनल की बैठक महज एक औपचारिकता थी।’
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि कांग्रेस GST 2.0 की वकालत करती रही है। हम दरें घटाने की मांग करते रहे थे। यह देखना दिलचस्प होगा कि नई दरें उपभोक्ता को किस हद तक लाभ पहुंचाएंगी।
'राहुल गांधी की सलाह माननी पड़ी'
कांग्रेस के मीडिया सेल के चीफ पवन खेड़ा ने कहा कि जब मोदी सरकार को राहुल गांधी की सलाह फॉलो करनी ही है तो इतना वक्त क्यूं लगाते हैं। पवन खेड़ा ने इसके साथ ही राहुल गांधी के 8 साल पुराने पोस्ट भी शेयर किए, जिसमें GST की लिमिट 18% से कम करने की मांग की गई थी।
GST दरों में क्या बदलाव हुआ?
GST काउंसिल की मीटिंग में बुधवार (3 अगस्त) को GST स्ट्रक्चर में बदलाव का फैसला लिया गया। अब सिर्फ 5% और 18% टैक्स स्लैब रहेंगे। जबकि 12% और 28% टैक्स स्लैब को खत्म कर दिया जाएगा।
इससे कई सामान सस्ते हुए। इनमें रोजमर्रा की चीजें जैसे दवाइयां, शेंपू, टूथब्रश, टैल्कम पाउडर, फेस पाउडर, साबून, हेयर ऑयल, टूथ पाउडर, फीडिंग बॉटल्स, बर्तन, साइकिल, छाता और फर्नीचर जैसे घरेलू सामान से लेकर सीमेंट, वाशिंग मशीन, टीवी, छोटी बाइक, कारें और खेती के उपकरण शामिल हैं।

