माली में तीन भारतीय इंजीनियर किडनैप: सिमेंट फैक्ट्री से उठा ले गए अल-कायदा से जुड़े आतंकी, 14 दिन से नहीं हुआ कॉन्टैक्ट
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JNIM आतंकी संगठन ने तीन भारतीय इंजीनियरों किडनैप किया।
अफ्रीकी देश माली में तीन भारतीय इंजीनियरों को अल-कायदा से जुड़े आतंकियों ने किडनैप कर लिया है। घटना कायेस इलाके की एक सीमेंट फैक्ट्री में हुई। किडनैपर 1 जुलाई को परिसर में घुसे और तीनों को अपने साथ ले गए। 14 दिन बाद भी इन तीनों से संपर्क नहीं हो पाया है। किडनैपर्स की ओर से फिरौती की मांग भी नहीं की गई है। अगवा हुए लोगों में एक राजस्थान, एक तेलंगाना और एक ओडिशा से हैं।
JNIM आतंकी संगठन ने किया किडनैप
किडनैपिंग के पीछे अलकायदा से जुड़े संगठन 'जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन' (JNIM) का हाथ होने का संदेह है। इंजीनियरों की पहचान प्रकाश चंद जोशी (जयपुर, राजस्थान), अमरलिंगेश्वर राव (तेलंगाना) और पी. वेंकटरमन (ओडिशा) के रूप में हुई है। तीनों, भारतीय कंपनी प्रसादित्य ग्रुप की डायमंड सीमेंट फैक्ट्री में काम कर रहे थे।
विदेश मंत्रालय ने कि पुष्टि
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि बमाको स्थित भारतीय दूतावास माली सरकार और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है। हालांकि, अभी कोई ठोस जानकारी या मांग सामने नहीं आई है।
अगवा लोगों के परिजन परेशान
अगवा हुए तीनों इंजीनियरों का परिवार परेशान है। जयपुर में जोशी की पत्नी सुमन जोशी ने बताया कि किडनैपिंग की खबर मिलने के बाद से अब तक किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाया है। तेलंगाना में राव की पत्नी ने कहा कि उन्होंने अपने पति से 30 जून को आखिरी बार बात की थी, उसके बाद कंपनी की ओर से किडनैपिंग की सूचना मिली। ओडिशा में वेंकटरमन की मां को पहले कहा गया कि उनका बेटा पुलिस हिरासत में है, लेकिन बाद में जानकारी आई कि वह बंधक बना लिया गया है।
दुनिया भर से अकेले सहेल क्षेत्र में आतंक से 50% लोगाें की मौत
माली और उसके पड़ोसी देश हाल के वर्षों में आतंकवाद की चपेट में रहे हैं। JNIM जैसे संगठन इस क्षेत्र में विदेशी नागरिकों, मिलिट्री पोस्ट और इंडस्ट्रीज को लगातार निशाना बनाते रहे हैं। वैश्विक आतंकवाद सूचकांक (GTI) के अनुसार, दुनिया में आतंक से होने वाली मौतों में अकेले सहेल क्षेत्र का हिस्सा 50% से अधिक है।
माली में फिलहाल करीब 400 भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं। ज्यादातर इंडियन निर्माण, खनन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े हैं।

