'मोदी-भागवत का नाम ले लोगी तो नहीं मारेंगे': मालेगांव केस में फैसले के बाद प्रज्ञा का दावा, बोलीं- ये भगवा और सेना को बदनाम करने की साजिश थी
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मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सहित छह अन्य को विशेष NIAअदालत ने बरी कर दिया। (पीटीआई)
2008 मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी होने के बाद BJP की पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने बड़ा दावा किया। प्रज्ञा ने कहा, उन्हें टॉर्चर करके इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत समेत अन्य नेताओं के नाम लेने का दबाव डाला गया था।
प्रज्ञा ने दावा किया, मुझे सबकुछ लिखित में दिया गया था, वे नाम भी लिखकर दिए गए थे, जिन्हें मुझसे लेने के लिए कहा जा रहा था। वे मुझसे कह रहे थे कि अगर मैं ये नाम ले लूंगी तो वे मुझे नहीं मारेंगे। उनका उद्देश्य मुझे टॉर्चर करने का था।
'भगवा और सेना को बदनाम करने की साजिश थी'
इस दौरान प्रज्ञा ने उस वक्त की UPA सरकार पर भी निशाना साधा। कहा- इस झूठे केस के पीछे कांग्रेस थी। उनकी साजिश भगवा और सेना को बदनाम करने की थी।
प्रज्ञा ने NIA कोर्ट के फैसले को धर्म की जीत बताया। कहा- कांग्रेस ने साजिश के तहत बिना सबूत के झूठे केस दर्ज कराए। कांग्रेस धर्म के खिलाफ है। यह ऐसी पार्टी है, जो आतंकियों को सह देती है। कांग्रेस कभी राष्ट्रवादी पार्टी नहीं बन सकती।
NIA कोर्ट ने प्रज्ञा समेत 7 आरोपियों को किया बरी
प्रज्ञा ने कहा- जेल में मुझे ढंग से इलाज भी नहीं मिला। बस इतना इलाज दिया गया कि मैं जिंदा रह सकूं। इसी वजह से मेरी आज ये स्थिति है। NIA कोर्ट ने गुरुवार को मालेगांव ब्लास्ट केस में 17 साल बाद फैसला सुनाते हुए प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल पुरोहित समेत सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया। मालेगांव ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 100 लोग जख्मी हुए थे।
पूर्व ATS अधिकारी ने भी लगाए गंभीर आरोप
मालेगांव केस पर फैसले के बाद शुक्रवार को महाराष्ट्र ATS के पूर्व अधिकारी महबूब मुजावर ने भी बड़ा दावा किया था। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कर रहे एटीएस अधिकारी परमबीर सिंह ने उन्हें संघ प्रमुख मोहन भागवत को गिरफ्तार करने का ऑर्डर दिया था।
मुजावर ने मीडिया से बातचीत में कहा था- मुझसे परमबीर सिंह और उनके ऊपर के अधिकारियों ने कहा था कि मैं राम कलसांगरा, संदीप डांगे, दिलीप पाटीदार और RSS चीफ मोहन भागवत को इस मामले में गिरफ्तार करूं। मोहन भागवत जैसे व्यक्ति को गिरफ्तार करना मेरी क्षमता से बाहर था। उनका महाराष्ट्र में काफी प्रभाव है।

