MNS कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी: मराठी न बोलने पर सफाई कर्मी को पीटा, राज ठाकरे से माफी मंगवाई
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नांदेड़ में मराठी न बोलने पर पब्लिक टॉयलेट में घुसकर सफाईकर्मी के साथ मारपीट
महाराष्ट्र में मराठी न बोलने पर मारपीट का मामला फिर सामने आया है। राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने नांदेड़ में मराठी में बात न करने पर पब्लिक टॉयलेट में काम करने वाले सफाई कर्मी के साथ मारपीट की। मनसे कार्यकर्ताओं ने उससे राज ठाकरे से माफी मंगवाई और उसे जल्द से जल्द मराठी सीखने की भी हिदायत दी। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।
दरअसल, नांदेड़ के बस स्टैंड पर बने पब्लिक टॉयलेट का एक वीडियो सामने आया था। इसमें एक शख्स ने सफाईकर्मी पर टॉयलेट का इस्तेमाल करने पर महिला से 5 रुपये वसूलने का आरोप लगाया था। वीडियो में शख्स सफाईकर्मी से नाम पूछता है। सफाई कर्मी हिंदी में जबाव देते हुए नाम बताने से इनकार कर देता है। इसके बाद वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने सफाई कर्मी से मराठी में बात करने के लिए कहा। इसके जवाब में सफाई कर्मी ने कहा, नहीं बोलूंगा, क्या कर लोगे? जाओ। इसके बाद महिला की भी सफाई कर्मी से बहस हुई।
'MNS चीफ को भेजूंगा वीडियो'
इसके बाद वीडियो बनाने वाला शख्स ने नांदेड़ बस स्टॉप पर टिकट कर्मी से पूछा कि क्या महिलाएं पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल मुफ्त में नहीं कर सकती। इस पर टिकट कर्मी बताता है कि हां कर सकती हैं।इसके बाद व्यक्ति ने सफाई कर्मी से पूछा कि यह मुफ्त है या नहीं, उसे मराठी में बात करनी चाहिए या नहीं, यह तो कल पता चल जाएगा। इतना ही नहीं शख्स ने सफाई कर्मी को धमकी दी कि वह यह वीडियो मनसे चीफ राज ठाकरे और उनके कार्यकर्ताओं को भेजेगा।
अगले दिन मनसे कार्यकर्ताओं ने सफाईकर्मी को पीटा
अगले दिन मनसे कार्यकर्ता उसी पब्लिक टॉयलेट में पहुंच जाते हैं और उस सफाई कर्मी के साथ मारपीट करते हैं। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें मनसे कार्यकर्ता सफाई कर्मी से कहते दिख रहे हैं- मराठी में बात करोगे या नहीं? मराठी आती है या नहीं? जल्द से जल्द मराठी सीख लो। इसके बाद सफाई कर्मी मनसे कार्यकर्ताओं के पैरों में गिरकर माफी मांगता है। मनसे कार्यकर्ता उससे मराठी लोगों और राज ठाकरे से माफी मांगने के लिए कहते हैं।
लगातार मारपीट के मामले आ रहे सामने
महाराष्ट्र में मराठी न बोलने को लेकर मारपीट के लगातार वीडियो सामने आ रहे हैं। मनसे कार्यकर्ताओं ने मराठी न बोलने पर गुजराती और राजस्थानी दुकानदारों के साथ मारपीट की थी। इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया था। उधर, राज ठाकरे ने मनसे कार्यकर्ताओं को मारपीट का वीडियो न बनाने की सलाह दी थी। हालांकि, उन्होंने कहा था कि मराठी की इज्जत न करने वालों के कान के नीचे मारना।

