आरती साठे को बॉम्बे HC का जज बनाने पर घमासान: विपक्ष का आरोप- BJP की प्रवक्ता को जज बनाना लोकतंत्र पर हमला; भाजपा बोली- वे पहले ही इस्तीफा दे चुकीं
Published:
3 min read

आरती अरुण साठे ने 2023 में खुद बीजेपी प्रवक्ता बनने की जानकारी दी थी। फोटो- आरती साठे और NCP विधायक रोहित पवार
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने वकील आरती अरुण साठे को बॉम्बे हाईकोर्ट का जज बनाने का सिफारिश की है। आरती साठे को जज बनाने की सिफारिश पर महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टियों ने सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि साठे बीजेपी की प्रवक्ता रही हैं, ऐसे में उनके नाम की जज के तौर पर सिफारिश करना लोकतंत्र पर हमला है। उधर, बीजेपी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 जुलाई को आरती साठे, अजीत भगवान राव और सुशील मनोहर को बॉम्बे हाईकोर्ट में जज बनाने की सिफारिश की थी। आरती 20 साल से वकालत कर रही हैं।
यह निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रहार- रोहित पवार
एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने आरती साठे को जज नियुक्त करने पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरती साठे की पोस्ट का एक स्क्रीन शॉट शेयर किया। इसमें उन्होंने खुद को महाराष्ट्र बीजेपी का प्रवक्ता चुने जाने की जानकारी दी थी। रोहित पवार ने लिखा, न्यायपालिका को स्वतंत्र और निष्पक्ष माना जाता है। लेकिन पब्लिक प्लेटफॉर्म पर सत्ताधारी पार्टी की वकालत करने वाले व्यक्ति को जज नियुक्त करना लोकतंत्र पर हमला करने के समान है।
उन्होंने कहा, जज की जिम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष होती है। जब सत्ताधारी पार्टी से जुड़े किसी व्यक्ति को जज नियुक्त किया जाता है तो यह निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर एक तरह से प्रहार होता है।
NCP विधायक पवार ने कहा, मैं आरती साठे की क्वालिफिकेशन पर सवाल नहीं उठा रहा हूं। उन्होंने नियुक्ति की सिफारिश करने के फैसले पर चीफ जस्टिस को एक बार फिर विचार करने की मांग की।
BJP ने NCP के आरोपों को बताया बेबुनियाद
महाराष्ट्र BJP ने NCP (शरद पवार गुट) के आरोपों को बेबुनियाद बताया और इनका खंडन करते हुए कहा- साठे को जज के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश उनकी योग्यता के आधार पर की गई है।
महाराष्ट्र BJP मीडिया सेल के हेड नवनाथ बन ने कहा- आरती साठे BJP प्रवक्ता के पद से कुछ साल पहले ही इस्तीफा दे चुकीं हैं। उनका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं था। इसलिए उनको जज पद पर नियुक्त किए जाने पर कोई सवाल नहीं उठाना चाहिए।
पॉलिटिकल बैकग्राउंड से जुड़े लोग पहले भी जज बने हैं
राज्य BJP चीफ प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा- आरती साठे के पार्टी से इस्तीफा देने के डेढ़ साल बाद उनके नाम की सिफारिश की गई। उपाध्य ने सोशल मीडिया X पर लिखा- उनका बीजेपी से अब कोई कनेक्शन नहीं है। उन्होंने कहा पहले भी राजनीतिक बैकग्राउंड से जुड़े लोग जज पद पर नियुक्त होते रहे हैं।
कौन हैं आरती साठे
आरती साठे वरिष्ठ वकील अरुण साठे की बेटी हैं। अरुण लंबे वक्त से बीजेपी और संघ से जुड़े रहे। वे बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी रह चुके हैं। आरती साठे 20 साल से वकालत कर रही हैं। उन्हें फरवरी 2023 में महाराष्ट्र बीजेपी प्रवक्ता बनाया गया था। उन्होंने जनवरी 2024 में व्यक्तिगत वजहों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता और लीगल सेल हेड के पद से भी इस्तीफा दे दिया था।

