महादेवी कोल्हापुर लौटेगी: वंतारा ने कहा- जिम्मेदारी यहीं खत्म नहीं हुई, हर 15 दिन में मेडिकल चेकअप करेंगे; क्या है पूरी कहानी
Published:
4 min read

हथिनी महादेवी ‘माधुरी’ कोल्हापुर के नंदानी इलाके में बने एक जैन मठ में 32 साल से रह रही थी। 2023 में उसे बेहतर देखभाल के लिए वंतारा भेजने का फैसला हुआ। हालांकि आपत्तियों के बाद यह शिफ्टिंग टलती रही। आखिर में पिछले साल उसे वंतारा लाया गया। (फोटो सोर्स: VANTARA)
नेशनल डेस्क। महाराष्ट्र के कोल्हापुर की फेमस हथिनी ‘माधुरी’, जिसे लोग महादेवी के नाम से जानते हैं, अब वापस कोल्हापुर लौटेगी। हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) ने 9 सितंबर 2026 को अपने आदेश में माधुरी को कोल्हापुर वापस भेजने की मंजूरी दी थी। अब वंतारा ने ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर उसकी घर वापसी की बात कही है। हालांकि यह वापसी कई सख्त शर्तों के साथ हो रही है।
माधुरी फिलहाल जामनगर में बने वंतारा में है। वंतारा ने शुक्रवार (11 सितंबर) को जारी बयान में कहा कि वह HPC के आदेश का पूरी तरह पालन करेगा। साथ ही, माधुरी के कोल्हापुर लौटने के बाद भी उसकी सेहत और देखभाल पर नजर भी रखेगा।
‘माधुरी को हमने नहीं मांगा था, निर्देश पर उसकी देखभाल की’
वंतारा ने अपने बयान में कहा कि माधुरी 30 जुलाई 2025 को HPC के निर्देश पर जामनगर लाई गई। इन निर्देशों को बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था।
वंतारा ने कहा- हमने माधुरी को यहां लाने की अपील नहीं की थी। हमें उसे लेने और उसकी देखभाल करने का निर्देश दिया गया था।
संस्था ने यह भी कहा कि वह कोल्हापुर के लोगों की माधुरी से जुड़ी भावनाओं को हमेशा से समझती रही है लेकिन कोर्ट और कमिटी के आदेशों के पालन के लिए उसने माधुरी की देखभाल की।

HPC ने क्या शर्तें रखीं?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद माधुरी को लेकर सभी पक्षों को अपनी बात HPC के सामने रखने को कहा गया था। कमेटी ने सभी पक्षों को सुनने के साथ नंदानी में उस जगह का निरीक्षण भी किया, जहां माधुरी को रखा जाना है।
इसके बाद 9 सितंबर 2026 को HPC ने माधुरी को कोल्हापुर वापस भेजने की परमिशन दी। इसके साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं-
- माधुरी का इस्तेमाल जुलूस या किसी दूसरे काम के लिए नहीं किया जाएगा।
- उसे 24 घंटे देखभाल मिलेगी।
- हर 15 दिन में मेडिकल जांच होगी।
- उसकी सेहत से जुड़ी रिपोर्ट सक्षम अधिकारियों को दी जाएगी।
वंतारा बोला- बीमारी खत्म नहीं हुई, सिर्फ हालत स्थिर हुई है
वंतारा के मुताबिक, माधुरी की हालत लगातार इलाज और देखभाल से स्थिर हुई है, लेकिन उसकी पुरानी हेल्थ प्रॉब्लम पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। उसे अभी भी मेडिकल निगरानी और सही देखभाल की जरूरत है।
इसी वजह से वंतारा के वेटनरी डॉक्टर हर 15 दिन में कोल्हापुर जाकर माधुरी की मेडिकल जांच करेंगे। जांच की रिपोर्ट भी अधिकारियों को दी जाएगी।
वंतारा ने कहा कि माधुरी के कोल्हापुर लौटने के बाद उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। संस्था उसके लिए रहने की जगह, मेडिकल फैसिलिटी, इक्विपमेंट, दवाइयां और दूसरी जरूरी चीजों के अरेंजमेंट में मदद करती रहेगी।

‘नंदानी में माधुरी के लिए बेहतर अरेंजमेंट में मदद की’
वंतारा ने बताया कि माधुरी जिस नंदानी परिसर में वापस जाएगी, वहां भी उपलब्ध जगह के हिसाब से बेहतर से बेहतर व्यवस्था करने की कोशिश की गई है। हालांकि, अभी इस जगह पर और बड़ा निर्माण करना मुश्किल है। इसकी वजह टाउन प्लानिंग से जुड़ी दिक्कत बताई गई है। वंतारा के मुताबिक, ट्रस्ट की जमीन के बीच से एक सड़क गुजरती है, जिससे अवेलेबल स्पेस सीमित है।
संस्था ने कहा कि माधुरी के वापस आने और वहां रहने के बाद भी वह मठ को सुविधा बढ़ाने में मदद करती रहेगी। अगर कोर्ट या कमिटी निर्देश देते हैं तो भी वंतारा जरूरी अपग्रेडेशन में सहयोग करेगा।
‘जहां भी रहे, माधुरी की सेहत हमारी पहली चिंता’
वंतारा ने कहा कि जानवरों की सही देखभाल सिर्फ भावनाओं से नहीं, बल्कि फैक्ट्स, मेडिकल फैसिलिटी और लगातार निगरानी के आधार पर होनी चाहिए। संस्था ने सुप्रीम कोर्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट और HPC के निर्देशों के लिए उनका आभार जताया। साथ ही महाराष्ट्र और गुजरात सरकार के अधिकारियों, कोल्हापुर के लोगों को भी धन्यवाद दिया।
वंतारा ने PETA India का भी जिक्र किया और कहा कि माधुरी की हालत HPC के सामने लाने में उसकी भूमिका रही है। बयान के आखिर में वंतारा ने कहा कि माधुरी जहां भी रहे, उसकी सेहत, सुरक्षा और सम्मान उसकी पहली चिंता रहेगी।
यह भी पढ़ें...

