लखनऊ से फर्जी IAS अफसर गिरफ्तार: लग्जरी गाड़ियों के दम पर रौब झाड़ता था, पकड़े जाने पर CM योगी से शिकायत की धमकी दी
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लखनऊ में पुलिस ने चैकिंग के समय एक फर्जी IAS को अरेस्ट किया है। (इमेज क्रेडिट- सोशल मीडिया)
नेशनल डेस्क। उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ से एक फर्जी IAS अफसर को अरेस्ट किया है। सौरभ त्रिपाठी नाम का शख्स खुद को IAS अफसर बताकर सरकारी मीटिंग्स अटेंड करता था। लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ घूमता था। पुलिस ने आरोपी से रेंज रोवर डिफेंडर, मर्सिडीज-बेंज, टोयोटा फॉर्च्यूनर और तीन इनोवा समेत कई गाड़ियां जब्त की हैं।
पुलिस ने बताया कि यह अफसर, अक्सर महंगी गाड़यों का रौब झाड़ता था। लोग भी इसे असली अफसर समझते थे। पुलिस ने चेकिंग के दौरान शक होने पर इसे पकड़ लिया। पकड़े जाने पर इसने पुलिस को CM योगी आदित्यनाथ से शिकायत करने की धमकी भी दी थी।
ब्लू बीकन लगाकर बनाता था रौब
सौरभ त्रिपाठी अपनी गाड़ियों पर नीली बत्ती (ब्लू बीकन) लगाकर चलता था। पुलिस जांच में गाड़ियों के सभी दस्तावेज नकली निकले। इसके पास से फर्जी सचिवालय में एंट्री के लिए फर्जी पास, नकली डॉक्यूमेंट्स, बीकन, लैपटॉप और मोबाइल भी बरामद किए गए हैं।
बड़े अफसरों के साथ करता था मीटिंग
पुलिस के मुताबिक, सौरभ त्रिपाठी IAS अफसर बनकर कई सरकारी कार्यक्रमों और विभागीय बैठकों में हिस्सा ले चुका था। यहां तक कि वह सीनियर अफसरों पर दबाव भी डालता था। वह खुद को प्रभावशाली साबित करने की कोशिश करता था। उस पर कई बार शक भी हुआ, लेकिन वह कभी पकड़ा नहीं गया।
चेकिंग में पकड़े जाने पर ‘IAS’ टैग दिखाकर दी धमकी
लखनऊ में गाड़ियों की चेकिंग के दौरान उसकी गाड़ियां रोकी गईं। इस दौरान उसने पुलिस को ‘IAS’ टैग का रौब दिखाने की कोशिश की। साथ ही मुख्यमंत्री से शिकायत करने की धमकी भी दी। इसी पर पुलिस को शक हुआ और जब गहराई से पूछताछ की, तो उसकी पोल खुल गई।
बड़े अफसरों के साथ बैठने से समझा तौर तरीके
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद एक NGO खाेला था। इसके बाद वह बड़े अफसरों और नेताओं के संपर्क में आया। इसी बीच अफसरों को तौर-तरीके देखकर उसने IAS अफसर बनने का नाटक शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसने पूरे सिस्टम को समझा और फर्जी पहचान का फायदा उठाना शुरु कर दिया।
DCP क्राइम कमलेश दीक्षित ने कहा- आरोपी ने इतनी महंगी गाड़ियां कैसे जुटाईं, इसकी जांच की जा रही है। उसके बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल डेटा की भी जांच की जाएगी।

