अरुणाचल में चीन का कोई कब्जा नहीं: किरेन रिजिजू बोले- सीमा पर समस्या तो है, लेकिन यह बॉर्डर पिलर्स न होने की वजह से
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू अरुणाचल पश्चिम से सांसद हैं।
नेशनल डेस्क . केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिनमें चीन के अरुणाचल प्रदेश में 60KM तक घुसपैठ का दावा किया जा रहा था। रिजिजू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में बॉर्डर पर कई जगहों पर समस्या है। लेकिन इसके पीछे वजह कुछ और है। चीन और भारत की अरुणाचल में बहुत लंबी सीमा है। कई जगह रेखांकित (बॉर्डर पिलर्स) नहीं है। यह समस्या काफी पुरानी है।
किरेन रिजिजू ने कहा, सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं जायज हैं। उन्होंने कहा- जो लोग कहते हैं कि चीन भारत की सीमा में घुस गया, वीडियो शेयर करते हैं। उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए। ये गलत है। बॉर्डर पर तो समस्या है। क्योंकि बॉर्डर तय ही नहीं है।
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केंद्रीय मंत्री ने बताया- अरुणाचल में बहुत ऊंचे इलाकों में गांव नहीं है। न वहां खेती होती है। इन इलाकों में बॉर्डर तय नहीं है, इसलिए भारत और चीन के बीच टेंशन होता रहता है। मुख्य समस्या ये है कि चीन ने पहले से सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना शुरू कर दिया था। लेकिन उस समय भारत सरकार ने फैसला किया था कि हम बॉर्डर इलाकों में सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाएंगे। कांग्रेस के समय में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने भी इस बारे में संसद में बयान दिया था कि भारत सरकार की पॉलिसी है कि अरुणाचल बॉर्डर के करीब इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाना है।
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2014 के बाद बदली पॉलिसी- रिजिजू
रिजिजू ने बताया कि मोदी सरकार आने के बाद 2014 में हमने ये पॉलिसी चेंज की। इसके बाद हमने बॉर्डर एरिया में सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना शुरू किया। हमारी सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। हालांकि, इससे पहले ही कांग्रेस के समय में चीन ने कुछ ऊंचे इलाकों में रास्ता बनाकर कब्जा किया।

