केरल के शख्स ने उपराष्ट्रपति चुनाव का पर्चा भरा: राघव चड्ढा-ओवैसी समेत 22 सांसदों के फर्जी साइन किए; 68 में से 66 नामांकन रद्द
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उपराष्ट्रपति पद के लिए कुल 68 नामांकन भरे गए थे। इनमें से 66 नामांकन रद्द हो गए।
9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद का चुनाव होना है। मतदान से पहले इससे जुड़ा एक फ्रॉड का केस सामने आया है। केरल के एक शख्स ने उपराष्ट्रपति पद के लिए जो नामांकन दाखिल किया, उसमें राघव चड्ढा-असदुद्दीन ओवैसी समेत 22 लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर थे। नामांकन पर जिन सांसदों के हस्ताक्षर थे, उन्हें भी इनकी जानकारी नहीं थी।
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद से उपराष्ट्रपति पद खाली है। चुनाव आयोग ने 9 सितंबर को चुनाव कराने का ऐलान किया है। नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त थी। उपराष्ट्रपति पद के लिए कुल 68 नामांकन भरे गए थे। इनमें से 66 पर्चे त्रुटियों के चलते रद्द हो गए हैं। सिर्फ एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और INDIA गठबंधन के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के नामांकन ही वैध पाए गए।
22 प्रस्तावकों के थे फर्जी हस्ताक्षर, नामांकन रद्द
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, केरल के जोमन जोसेफ ने उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन किया था। जब उसके दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया गया तो पता चला कि इसमें फर्जीवाड़ा है। 22 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर फर्जी थे।
जब सांसदों से पूछा गया कि क्या उन्होंने जोसेफ के समर्थन में साइन किया है तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद जोसेफ के नामांकन को रद्द कर दिया गया। जांच के लिए मामला राज्यसभा सचिवालय को भेज दिया गया है। इसके बाद जोमन जोसेफ पर एक्शन लिया जाएगा।
21 अगस्त को थी नामांकन की आखिरी तारीख
21 अगस्त को नामांकन भरने की आखिरी तारीख थी। 46 उम्मीदवारों ने कुल 68 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। उनकी जांच की गई तो 19 उम्मीदवारों के 28 नामांकन पत्र पहले ही चरण में खारिज हो गए। 22 अगस्त को 27 उम्मीदवारों के 40 नामांकन की जांच की गई, जिनमें सिर्फ 2 उम्मीदवारों के ही नामांकन ही वैध पाए गए। बाकी के नामांकन भी रद्द हो गए।
कौन हैं विपक्ष के कैंडिडेट सुदर्शन रेड्डी
सुदर्शन रेड्डी का जन्म हैदराबाद के किसान परिवार में हुआ था। 2005 में गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने। इसके बाद 2017 में सुप्रीम कोर्ट चले गए। इसके अलावा वे गोवा के पहले लोकायुक्त भी थे। उन्हें INDIA ब्लॉक ने 20 अगस्त को उन्हें वाइस प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट घोषित किया।
कौन हैं NDA के कैंडिडेट सीपी राधाकृष्णन
राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। उनका जन्म तमिलनाडु में हुआ था। वे छात्र जीवन से ही आरएसएस से जुड़े हैं। राधाकृष्णन दो बार लोकसभा सांसद चुने गए। इसके बाद उन्हें तमिलनाडु बीजेपी का अध्यक्ष भी बनाया गया था। महाराष्ट्र का राज्यपाल बनने से पहले राधाकृष्णन झारखंड के भी राज्यपाल रहे।
उपराष्ट्रपति चुनाव का कार्यक्रम
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25 अगस्त तक कैंडिडेट नामांकन वापस ले सकेंगे।
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9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग
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9 सितंबर को ही रिजल्ट और देश को नया उपराष्ट्रपति मिलेगा।

