जज को संघ परिवार से जुड़ा बताया: फेसबुक पर पोस्ट कर लगाए थे आरोप; केरल हाईकोर्ट ने तीन दिन की सजा सुनाई
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पी के सुरेश कुमार पर कोर्ट ने 3 दिन की सजा के साथ 2 हजार का जुर्माना भी लगाया।
केरल के एर्नाकुलम के रहने वाले एक शख्स को जज के खिलाफ टिप्पणी करने पर हाईकोर्ट ने तीन दिन की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने शख्स को आपराधिक अवमानना का दोषी पाते हुए ये सजा सुनाई।
पी के सुरेश कुमार ने फेसबुक पोस्ट में जज पर संघ परिवार से प्रभावित होने का आरोप लगाया था। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सुरेश ने कई पोस्ट किए। एक पोस्ट में उन्होंने कहा, कोर्ट की देवस्वोम पीठ के जज संघ परिवार और कई बाहरी एजेंसियों के प्रभाव में काम करते हैं और ऐसे गुटों को खुश करने के लिए फैसले सुनाते हैं।
'ये गंभीर और अपमानजनक आरोप'
हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने कहा कि सुरेश ने जजों के खिलाफ गंभीर और अपमानजनक आरोप लगाया और दावा किया कि उन्होंने अनुचित उद्देश्यों और व्यक्तिगत लाभ के लिए फैसले सुनाए थे। कोर्ट ने कहा कि इस तरह कि टिप्पणियां, अदालतों के मूल आधार पर प्रहार है। इसलिए अवमानना के लिए दंड उचित है।
सजा रद्द करने की मांग को लेकर दायर की याचिका
सुरेश ने तीन दिन की सजा को रद्द करने के लिए याचिका दायर की। हालांकि, कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया और सुरेश को हिरासत में लेने के लिए वारंट जारी करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने यह भी कहा, कार्यवाही के दौरान आरोपी ने करीब 30 पेज का एक हलफनामा दिया, जिसमें उसने फेसबुक पर किए गए पोस्ट से इनकार नहीं किया। उसने स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ ऐसी परिस्थितियां बनी, जिसके कारण पोस्ट लिखने को मजबूर होना पड़ा। जबकि पिछली अवमानना कार्यवाही में उसने बिना शर्त माफी मांगी थी।
हालांकि, पुलिस पूछताछ के दौरान सुरेश ने कहा था कि उसने ये विवादित पोस्ट नहीं कीं। उसका दावा था कि कि उसकी फेसबुक आईडी हैक की गई थी और ये पोस्ट डाली गईं। कोर्ट ने सुरेश को इस बयान को मानने से इनकार कर दिया।

