देश में 2024 में 37 लाख लोगों को कुत्तों ने काटा: दुनिया में रेबीज से होने वाली मौतों में 36% भारत में; कांग्रेस सांसद कार्ति बोले- इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता,
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भारत में 2024 में आवारा कु्त्तों ने 37 लाख से ज्यादा लोगों को काटा। केंद्र सरकार ने संसद में यह जानकारी दी। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने जानकारी शेयर करते हुए कहा कि हम इसे और अनदेखा नहीं कर सकते।

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने एक लिखित उत्तर देते हुए बताया कि 2024 में कुत्तों के काटने के कुल 37,17,336 मामले थे। जिसमें 54 लोगों की संभवता रेबीज से मौत हुई।
उन्होंने बताया कि यह डेटा नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) के द्वारा कलेक्ट किया गया है। यह आंकड़े राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लिए गए हैं। बघेल ने बताया, उनका विभाग पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत राज्यों को आवारा कुत्तों समेत पशुओं के लिए एंटी-रेबीज टीकों की खरीद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
दुनियाभर में रेबीज से होने वाली मौतें में 36% भारत में
रेबीज भारत में बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। दुनिया में रेबीज से होने वाली मौतों में 36% भारत में होती हैं। हर साल रेबीज से 1800 से 2000 तक मौतें होती हैं। इसका सबसे बुरा असर 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर बढ़ता हैं। इन चिंताजनक आंकड़ों के बावजूद रेबीज से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।केंद्र सरकार के लक्ष्य है कि 2030 तक रेबीज को पूरी तरह खत्म करना है।पिछले 6 महीने मे कर्नाटक में कुत्तों के काटने के 2 लाख 30 हजार से ज्यादा केस रजिस्टर हुए हैं। रेबीज से 19 मौतें दर्ज की गई हैं। जिसका पिछले साल की तुलना में बढ़ते दिख रहे हैं। 2024 में 3 लाख 60 हजार केस थे और 42 रेबीज से मौतें दर्ज की गई थी।
बेंगलुरु नगर निगम ने शुरू की नई पहल
बेंगलुरु महानगर पालिका शहर के आवारा कुत्तों को खाना खिलाने की करोड़ों की योजना बना रही है। इसमें शहर के करीब 4000 आवारा कुत्तों को 2 करोड़ 88 लाख रुपए की लागत से खाना खिलाया जाएगा। इसके फायदे और नुकसान के बारे में विचार करने के बाद योजना के बारें नें गंभीरता से सोचा जाएगा। खाना खिलाने से नसबंदी और टीकाकरण के लिए कुत्तों को पकड़ना आसान हो जाता है।

